नई दिल्ली: सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के लोगों को चिंता की ज़रूरत नहीं है. जितने लोगों को कोरोना वायरस हो रहा है. उनमें बहुत मामूली लक्षण हैं या लक्षण है ही नहीं. अधिकतर लोग ठीक हो रहे हैं. और अपने घर पर ही ठीक हो रहे हैं, वह घर में ही इलाज कर ले रहे हैं. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये सच है कि हम कोरोना से जूझ रहे हैं कि लेकिन परमानेंट लॉकडाउन इसका इलाज और समाधान नहीं है. Also Read - एलएनजेपी, राजीव गांधी अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या बढ़ायी गई: अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चिंता तो है कि कोरोना के केस बढ़ने ही नहीं चाहिए थे. 15 दिन में साढ़े आठ हज़ार केस बढ़े. इनमें से सिर्फ 500 लोग अस्पताल में भर्ती हुए. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब तक दिल्ली में जितने मामले सामने आए हैं उनमें से सिर्फ 2100 लोग ही अस्पतालों में भर्ती हुए हैं. उनका इलाज चल रहा है. दिल्ली में 6500 बेड्स तैयार हैं. दूसरे हफ्ते तक 9500 बेड्स तैयार रहेंगे. Also Read - 11 जुलाई से अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे एयर इंडिया के विमान, बुक कराएं टिकट, जानें डिटेल

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली कोरोना से जूझ रही है ये हम स्वीकार करते हैं, लेकिन बहुत चिंता करने की बात नहीं है. हमने पूरी तैयारी की हुई है. बता दें कि दिल्ली भी कोरोना वायरस से जूझ रही है. दिल्ली में अब तक 17 हज़ार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 316 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने लॉकडाउन में काफी छूट दी हुई है. कई बाज़ार शर्तों के साथ खुल रहे हैं.