नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) अंतरिम अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी पार्टी की कमान अभी संभालती रहेंगी. ऐसे में सोनिया के दोबारा अंतरिम अध्यक्ष बनने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि’अब हमें पार्टी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने के बारे में स्पष्ट होना चाहिए. मैंने पिछले साल अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया जी की नियुक्ति का स्वागत किया था, लेकिन मेरा मानना है कि उनसे अनिश्चितकाल तक इस जिम्मेदारी को उठाने की उम्मीद करना उचित नहीं होगा.’ Also Read - शिवराज को जनता ने सत्ता से हटाया, फिर भी बाज नहीं आए, रोज 3 झूठ बोलते हैं: कमलनाथ

न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने कहा, यदि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) नेतृत्व को फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें केवल अपना इस्तीफा वापस लेना होगा. लेकिन, अगर वह कहते हैं कि वो वापस पार्टी की कमान को संभालना नहीं चाहते हैं. तो पार्टी को अब फैसला लेना चाहिए. शशि थरूर ने कहा कि सिर्फ मैं ही नहीं बल्कि पार्टी का हर नेता यह सवाल पूछ रहा है कि आखिरकार कब तक ऐसा ही चलता रहेगा. Also Read - एमपी के गृहमंत्री ने कहा- "मैं मास्क नहीं पहनता", कांग्रेस ने पूछा-"क्या कायदे बस आम लोगों के लिए हैं?"

थरूर ने आगे कहा कि कांग्रेस को अब एक पूर्णकालिक अध्यक्ष तलाशने की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए और इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए. पार्टी में अब सांगठनिक एवं संरचनागत स्तर पर नई जान फूंकने की जरूरत है.
बता दें कि कांग्रेस  की अंतरिम प्रमुख सोनिया गांधी का कार्यकाल 10 अगस्‍त को खत्म हो रहा है और पार्टी फिर से उन्हें अंतरिम प्रमुख बनाने का विचार कर रही है. Also Read - मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ किया, भाजपा ने झूठ बोला, सच सामने आया: राहुल गांधी

वहीं सचिन पायलट को लेकर थरूर ने कहा कि सचिन की क्या परेशानी थी ये अब समझ में आ गयी हैं और राजस्थान में कांग्रेस की समस्या का समाधान हो गया है. सचिन को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के नियम कानून का विरोध किया. इस तरह के नेताओं के भविष्य के बारे में पार्टी को अब सोचना चाहिए.

थरूर ने कहा कि हां कुछ मामलों को लेकर पार्टी में दिक्कतें हैं और मेरे लिए भी परेशानी है. जिसके बारे में पार्टी को सोचना चाहिए. भाजपा का विरोध करना छोड़कर अब हमें पार्टी और देश के बारे में सोचना होगा तभी हम बेहतर कर पाएंगे.