नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के निजी स्कूलों ने बढ़ाई गई ट्यूशन फीस, डेवलपमेंट फीस के नाम पर अभिभावकों से ली गई भारी भरकम राशि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी अभी तक नहीं लौटाई है. सोशल ज्यूरिस्ट व दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और याचिकाकर्ता अशोक अग्रवाल का कहना है कि दिल्ली के निजी स्कूलों पर अभिभावकों का 750 करोड़ से ज्यादा रुपया बकाया है, जिसे लौटाया जाना अभी बाकी है. वहीं, अवैध रूप से फीस बढ़ाने को लेकर दिल्ली सरकार ने द्वारका स्थित माउंट कार्मेल स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है. जबकि फीस वापस नहीं करने को लेकर तीन स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं.

याचिकाकर्ता अशोक अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली के निजी स्कूलों ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशे लागू करने और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के खिलाफ डेवलपमेंट फीस के नाम पर अभिभावकों से 400 करोड़ रुपए वसूले थे. जिसकी जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश अनिल देव की अध्यक्षता वाली दिल्ली उच्च न्यायालय की फीस समीक्षा कमेटी ने मजबूती से काम किया और इसमें उन्होंने 1,216 स्कूलों में से 785 स्कूलों को दोषी पाया. उन्होंने कहा, कमेटी ने 602 स्कूलों से नौ फीसदी ब्याज के साथ फीस लौटाने को भी कहा है. साथ ही बाकियों में शिक्षा निदेशालय को विशेष निरीक्षण भी करने को कहा गया है. पांच स्कूल ऐसे भी हैं जिन्होंने बढ़ी फीस के तौर पर लिए गए 28.37 लाख रुपये लौटा दिए हैं लेकिन अभी भी 750 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा लौटाया जाना बाकी है.

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दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि 602 स्कूलों ने बच्चों से फीस के नाम पर 17,788 लाख रुपए ज्यादा वसूले. अदालत में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन स्कूलों में से 254 स्कूलों ने जरूरत से ज्यादा फीस बढ़ा रखी है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन 602 स्कूलों में बाकी के 348 स्कूलों ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को अपने यहां लागू करने के नाम पर फीस में वृद्धि कर अभिभावकों से भारी भरकम रकम तो ली, लेकिन इन सिफारिशों को या तो लागू नहीं किया या इसे लागू करने के ठोस सबूत पेश नहीं कर सके. रिपोर्ट में कहा गया कि हालांकि 183 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने फीस नहीं बढ़ाने का दावा किया, लेकिन कमेटी को वे दावे भरोसे लायक नहीं लगे. वहीं, 407 स्कूलों में कमेटी ने फीस बढ़ोतरी को जायज पाया है.

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वहीँ, दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए द्वारका स्थित माउंट कार्मेल स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है. यह कदम फीस बढ़ाने को लेकर लिया गया. स्कूल ने आदेश के बाद फीस बढ़ाना नहीं रोकी, इसके बाद उसकी मान्यता रद्द कर दी गई है. स्कूल ने शिक्षा विभाग की परमीशन के बिना ट्यूशन फीस बढ़ाई थी. इसके बाद अब ये स्कूल अगले साल 2019-2020 सेशन के लिए नए एडमिशन नहीं ले सकेगा. इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने और तीन स्कूलों को नोटिस जारी किया है. इनमें से बाल भारती द्वारका, सेंट मार्क सेकंडरी, मीरा बाघ व स्प्रिंगडल स्कूल धौला कुआं हैं. ये नोटिस पूर्व में अभिभावकों से ली गई फीस वापस नहीं करने को लेकर दिए गए हैं.