नई दिल्ली: कोरोना काल में कोरोना के लगातार बदलते वेरिएंट्स और तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला लिया है. 3 जुलाई से लेकर 23 जुलाई के तक दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों में केवल बेहद अहम मामलों की ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की जाएगी.Also Read - भारतीय विमानों पर लिखे वीटी कॉल साइन का जानें यहां क्या है अर्थ, दिल्ली हाईकोर्ट में बदलने की मांग पहुंची

दिल्ली हाईकोर्ट के ज्वाइंट रजिस्ट्रार द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि कोरोना के मामलों में भले ही कमी आई है, लेकिन कोरोना के तीसरी लहर की संभावना है. डॉक्टरों द्वारा डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर जारी चेतावनी के बाद कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है. साथ ही वैक्सीन की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए एहतियात बरतने की जरूरत है. Also Read - नफरती भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बेहद ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

बता दें कि फिलहाल हाईकोर्ट में छुट्टियां चल रही हैं. यहां वेकेशन बेंच ही कोर्ट में काम कर रही है. बता दें कि कोरोना के कारण कई वकीलों, ज्यूडिशियल अधिकारियों व हाईकोर्ट स्टाफ की मौत हो चुकी है. दिल्ली में कोरोना के बिगड़ते हालातों के मद्देनजर हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल से ही सभी जिला अदालतों में फिजिकल हियरिंग को बंद करा दिया था. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही फिलहाल सुनवाई की जा रही है. Also Read - हाईकोर्ट ने बीजेपी नेताओं पर भाषणों के लिए FIR दर्ज कराने की मांग करने वाली वृंदा करात की याचिका खारिज की