नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि को और गति देने, गरीबी से पार पाने तथा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिये केंद्र में अस्थिर गठबंधन नहीं बल्कि मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है. अगले साल होने वाले होने वाले आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए जेटली ने कहा कि देश को ‘अस्थिर गठबंधन’ सरकार और ऐसे व्यक्तियों की जरूरत नहीं जिसके पास नीतियों की समझ नहीं है.

उद्योग मंडल एसोचैम की 98वीं सालाना बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के फटाफट लिए गए निर्णय से आईएल एंड एण्फएस संकट से निपटने में मदद मिली है. जेटली ने कहा कि ‘इस समय भारत को ऐसे व्यक्तियों की जरूरत नहीं है जिसके पास नीतियों और दिशा की समझ नहीं है. भारत को ऐसा गठबंधन भी नहीं चाहिए जो अंदर से ही अस्थिर हो. इस समय तो ऐसी सरकार और नेतृत्व की आवश्यकता है जिसकी दिशा और सोच स्पष्ट हो.’ उन्होंने कहा कि केंद्र में मजबूत और त्वरित निर्णय लेने वाली सरकार की जरूरत है.

मोदी जी देश को बांटना बंद कर किसान-मजदूरों की बात करें, मैं उनका विरोध करना छोड़ दूंगा: राहुल गांधी

जेटली ने कहा कि इस समय ऐसी सरकार और नेतृत्व की आवश्यकता है जिसकी दिशा और सोच स्पष्ट हो ताकि भारत अपनी उस वर्तमान विशिष्ट स्थिति को बरकरार रख सके जिसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने दुनिया में एक आकर्षक स्थान बताया है. भारत की इस स्थिति को अगले दो दशक तक बनाये रखना है. अगर आप यह करने में कामयाब होते हैं, हम गरीबी से पार पा सकते हैं और संभवत: अपने जीवनकाल में भारत को विकसित देश के रूप में देख सकेंगे.’ देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में 8.2 प्रतिशत रही. पिछले वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रही थी.