नई दिल्ली: मोदी सरकार ने पंजाब में रावी नदी पर डैम बनाने का फैसला किया है. केंद्र सरकार ने रावी नदी के शाहपुरकुंडी डैम परियोजना को मंजूरी दी है. डैम बनने के बाद इस नदी से पाकिस्तान की ओर जाने वाला पानी रुक जाएगा. ऐसा होने पर पाकिस्तान पानी के लिए तरस जाएगा. डैम परियोजना पर 2013 में ही काम होना शुरू हो गया था, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा फंड की कमी और जम्मू-कश्मीर की ओर से दर्ज कराई गईं कुछ आपत्तियों के कारण काम रोक दिया गया था. मोदी सरकार ने अब इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है.

मोदी सरकार ने पंजाब में रावी नदी पर शाहपुरकंडी डैम परियोजना को मंजूरी दी है. इस परियोजना के पूरे होने के बाद मधोपुर हेड वर्क्स से होते हुए पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोका जा सकेगा. इस पानी का इस्तेमाल पंजाब और जम्मू कश्मीर के किसान कर सकेंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, केंद्र सरकार ने 1960 में हुई सिंधु जल संधि के प्रावधानों को ध्यान में रख इस डैम को लेकर फैसला लिया है. इस परियोजना को 2022 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है.

सिंधु का जल रोककर पाकिस्तान को सबक सिखाएगा भारत

ये होगा फायदा
इस बांध के बनने के बाद से जम्मू-कश्मीर और पंजाब के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा. यहां के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा. इस पानी से पंजाब में पांच हजार व जम्मू कश्मीर में 32 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन सिंचित होगी. इसके साथ ही पंजाब में 206 मेगावॉट बिजली भी पैदा होगी.

क्या है सिंधु जल समझौता
सिंधु जल समझौते पर 1960 में दस्तखत किए गए थे. इसके तहत रावी, व्यास और सतलज नदी का पानी भारत के हिस्से में आया तो सिंधु, झेलम और चेनाब का 80 फीसदी पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया. वहीं, भारत का कहना है कि उसने अपने हिस्से के 20 फीसदी पानी का पूरा इस्तेमाल नहीं किया है. इस समझौते के तहत भारत पश्चिमी नदियों के पानी को भी अपने इस्तेमाल के लिए रोक सकता है. आतंकवाद के खिलाफ उठाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए अब भारत इसी की तैयारी में जुटा है.