नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि वाट्सऐप, ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल महिलाओं और हाशिए पर खड़ी जातियों के लोगों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है. गौतम ने इन कंपनियों के प्रबंधन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे कथित ‘विषैले घृणा अभियान’ चलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है. Also Read - #SundaySocialMediaCheck: केएल राहुल ने बदला हेयरस्टाइल; रोहित ने उड़ाया प्रज्ञान ओझा का मजाक

भारत में ट्विटर के प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी, वाट्सऐप के भारत प्रमुख अभिजीत बोस और भारत में फेसबुक के उपाध्यक्ष अजित मोहन को अलग-अलग लिखे पत्र में मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन दुनिया लॉकडाउन में सूचना के एक प्रभावशाली माध्यम के रूप में उभरी है, वहीं, ‘ सोशल मीडिया का इस्तेमाल नुकसान पहुंचाने के लिए भी किया जा रहा है.’ Also Read - जब सलमान खान शो में सबके सामने उतारी टी-शर्ट, देखकर चिल्लाने लगे थे लोग, वायरल हुआ वीडियो

उन्होंने कहा, ‘ हाल के दिनों में मैंने ध्यान दिया कि हाशिए पर खड़ी जातियों और महिलाओं को बदनाम करने और उपहास करने का चलन तेजी से बढ़ा है.’ गौतम ने कहा कि फेसबुक, वाट्सऐप और ट्विटर ऐसे मंच बन गए हैं, जहां ‘ दलित बुद्धिजीवियों को नीचा दिखाने के लिए जातिवादी टिप्पणियों का इस्तेमाल किया जा रहा है.’ मंत्री ने सोशल मीडिया कंपनियों के प्रबंधन से, घृणा फैलाने के लिए इन प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है. Also Read - आ गया Facebook Shop, वर्चुअल दुकान से करें खरीदारी, जानें कैसे...?