नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने एक सख्त आदेश में केंद्रीय गृह सचिव को निर्देश दिया है कि फर्जी मुठभेड़ों पर सीआरपीएफ के पूर्व महानिरीक्षक रजनीश राय की रिपोर्ट से संबंधित सारे रिकार्ड पेश किए जाएं. आदेश तब जारी किया गया है जब गृह मंत्रालय ने सीआईसी के दो नोटिसों के बावजूद रिकार्ड पेश नहीं किए थे. आयोग ने सचिव को याद दिलाया कि वह आरटीआई कानून के प्रावधानों के तहत रिकार्ड मांग रहा है जो उसे किसी सार्वजनिक प्राधिकार से कोई दस्तावेज मंगाने में एक दीवानी अदालत का अधिकार देते हैं.

सूचना आयुक्त यशोवर्धन आजाद ने कहा कि ‘प्रतिवादी गृह मंत्रालय अपने सचिव के माध्यम से आरटीआई कानून की धारा 18 (4) के तहत संज्ञान लेगा और जो दस्तावेज मांगे गए हैं, उनका कोई भी हिस्सा आयोग को देने से नहीं रोका जाएगा.’ मामला एक आरटीआई अर्जी से जुड़ा है जिसमें असम में सुरक्षा बलों के संयुक्त दस्ते द्वारा की गयी फर्जी मुठभेड़ पर रिपोर्ट की प्रति मांगी गयी थी जिसमें दो लोग मारे गए थे.

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने जानकारी नहीं देने के लिए आरटीआई कानून की धारा 24 का हवाला दिया. मामला जब आयोग पहुंचा तो सीआरपीएफ ने दावा किया कि दस्तावेज गृह मंत्रालय के पास हैं. आयोग के दो नोटिसों के बावजूद गृह मंत्रालय ने उसके अधिकारियों को नहीं भेजा और ना ही दस्तावेज पेश किए.