नई दिल्ली: साल 2012 में बर्बर सामूहिक बलात्कार और हत्या का शिकार हुई 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा की मां ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने दोषियों को फांसी दिये जाने में हो रही देरी का पता लगाने के लिये दिल्ली महिला आयोग से संपर्क किया. इसके बाद डीसीडब्ल्यू ने निर्भया बलात्कार एवं हत्या मामले के दोषियों को फांसी दिए जाने में देरी को लेकर सोमवार को तिहाड़ जेल के अधिकारियों को नोटिस जारी किया.

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अधिकारियों से दोषियों को यथाशीघ्र फांसी देने का अनुरोध करते हुए निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि वह अपनी बेटी के लिये न्याय चाहती हैं और यह तब तक पूरा नहीं होगा जब तक कि उसके हत्यारों को फांसी नहीं दी जाती. उन्होंने कहा कि दोषियों को फांसी देने में विलंब का पता लगाने के लिए उन्होंने जुलाई में एक बार फिर से डीसीडब्ल्यू से संपर्क किया.

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देवी ने पिछले साल भी डीसीडब्ल्यू को शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्यों अपराधियों को उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार फांसी नहीं दी गई है. उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल मई में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में चारों दोषियों की मौत की सजा को बरकरार रखा था. तिहाड़ जेल के अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इन दोषियों को फांसी दिये जाने में विलंब पर स्पष्टीकरण देने को कहा है.