नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस (Congress) पर एक बार फिर निशाना साधा है. निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब केंद्र सरकार आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रही थी तो उसे चार बजे वाला सीरियल बताया गया. किसी ने ड्रामा कहा. मैंने पांचवें दिन भी इन बातों का जवाब नहीं दिया, लेकिन जब मुझसे किसी ने प्रवासी मजदूरों के बारे में पूछा तब मैं बोली. अगर कांग्रेस आर्थिक पैकेज की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को ड्रामा कह सकती है तो जब मजदूर पैदल चल रहे थे तो आप गए, बैठे और उनसे गपशप करने लगे. क्या मुझे इस पर बोलने का अधिकार नहीं है? Also Read - चीन के साथ तनाव पर राहुल गांधी का सवाल- चुप्पी न साधे सरकार, हालात के बारे में देश को बताए

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि पैकेज में हर वर्ग के लिए काफी कुछ है. मजदूरों और प्रवासियों के लिए भी है, लेकिन कांग्रेस ने इसे ड्रामा बताया. इससे पहले भी 17 मई को आर्थिक पैकेज (Economic Package) की घोषणा के लिए की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद निर्मला सीतारमण ने कहा था कि राहुल गांधी से उनकी हाथ जोड़कर उनकी विनती है कि मजदूरों का टाइम खराब न करें. वह जा रहे हैं तो जानें दें. अगर इतना ही है तो मजदूरों के साथ पैदल चलें और उनका सामान भी उठायें. मालूम हो कि राहुल गांधी दिल्ली में पैदल जा रहे मजदूरों से मिले थे. उन्होंने मजदूरों से उनका हाल जाना था और फिर उन्हें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश स्थित उनके घरों तक कारों से पहुंचाया था. Also Read - यूपी: श्रमिक ट्रेनों में भी मौत के मुंह में समा रहे मजदूर, एक ही दिन में तीन ट्रेनों में 6 की मौत

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसके बारे में बताया था. 13 मई से 17 मई तक, लगातार पांच दिन उन्होंने आर्थिक पैकेज की घोषणाओं के बारे में बताने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस पैकेज की विपक्षी दलों ने काफी आलोचना की है. पैकेज को बिलकुल नाकाफी बताया था. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि इस पैकेज में योजनाओं को गिना दिया गया. राहुल गांधी ने कहा था कि इस समय लोगों के हाथ में रुपए देने की ज़रूरत है. लोगों के पास पैसे नहीं हैं तो वह चीज़ें कैसे खरीदेंगे. उद्योग शुरू होंगे लेकिन डिमांड नहीं होगी तो उद्योग प्रोडक्शन करके क्या करेंगे. कई और लोगों ने भी पैकेज को लॉकडाउन की परिस्थितियों के हिसाब से नहीं बताया था और केंद्र सरकार पर इसे लेकर निशाना साधा था.