नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय का आदेश अब अंग्रेजी के अलावा हिंदी भाषा में भी उपलब्ध होगा. इसके लिए शीर्ष अदालत अपने आदेश की तर्जुमा हिंदी में करवाने पर विचार कर रही है. बाद में अन्य देसी भाषाओं में भी अनुवाद करवाने पर विचार किया जाएगा. सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने यह जानकारी यहां पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान दी. सर्वोच्च न्यायालय में पांच नवंबर से एक सप्ताह तक अवकाश रहेगा. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि बाद में अन्य देसी भाषाओं में भी अनुवाद किया जा सकता है. उनके साथ न्यायाधीश एसए बोबडे भी थे.

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प्रधान न्यायाधीश ने विभिन्न फैसलों के संक्षिप्त कानूनी विवरण, आंतरिक विचार मंच, शीर्ष अदालत की कार्यवाही का सीधा प्रसारण, गुजरात उच्च न्यायालय संबंधी विवाद और सर्वोच्च न्यायालय को कवर करने में पत्रकारों को होने वाली परेशानियों के बारे में चर्चा की. विचार मंच का गुरुवार को अनावरण किया गया. उन्होंने कहा कि विभिन्न फैसलों के संक्षिप्त कानूनी विवरणों की जानकारी देने पर निर्णय संबंधित न्यायाधीश से अनुमति मिलने पर ही लिया जाएगा.

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उन्होंने स्पष्ट किया कि आंतरिक विचार मंच का काम फैसले लिखने के लिए इनपुट प्रदान करना नहीं है. उन्होंने कहा कि विचार मंच मुख्य रूप से मौलिक विधिशास्त्र, सिद्धांत और कानूनी मत और न्यायिक सुधार के लिए तैयार किया गया है. प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि विचार मंच में कानून के विभिन्न क्षेत्रों के पांच विशेषज्ञों की एक छोटी निकाय होगी.