पलवल. सेना के एक सेवानिवृत्त कैप्टेन ने मंगलवार को मौत का तांडव करते हुए तकरीबन 2 घंटे में रॉड से हमला करके 6 लोगों की कथित रूप से हत्या कर दी. उसके बारे में यह समझा जाता है कि वह मानसिक रूप से बीमार है. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि उनकी पहचान नरेश धनखड़ (45) के रूप में की गयी है .

पुलिस के अनुसार उसने देर रात 2 बजे से तड़के 4 बजे के बीच इस घटना को अंजाम दिया. उसने घने कोहरे की वजह से कम दृश्यता का फायदा उठाकर आगरा चौक और कैंप कॉलोनी के बीच तकरीबन 2 किलोमीटर के दायरे में इन हत्याओं को अंजाम दिया. उसने पहली हत्या एक निजी अस्पताल की दूसरी मंजिल पर की. उसके बाद वह सड़कों पर उतरा और 5 अन्य की हत्या की और एक अन्य को घायल किया. बल्लभगढ़ के निकट मछगर के रहने वाले धनखड़ को जब पुलिसकर्मियों ने पकड़ने की कोशिश की तो उसने उनपर भी रॉड से हमला किया.

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि वह 1999 में लेफ्टिनेंट के तौर पर सेना में शामिल हुआ था और 2003 में चिकित्सीय आधार पर उसने सेवानिवृत्ति ले ली. उसके बाद वह 2006 में हरियाणा कृषि विभाग में सहायक विकास पदाधिकारी के तौर पर शामिल हुआ. वह स्वास्थ्य विभाग में उप संभागीय अधिकारी के तौर पर काम कर रहा था. धनखड़ को वस्तुत, मस्तिष्काघात, ब्रेन हैमरेज, हुआ है और उसे नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया, ‘उसे हमारे अस्पताल की आपात सेवाओं में लाया गया और वार्ड बी सर्जरी-न्यूरोसर्जरी में भेजा गया है. न्यूरोसर्जरी टीम उसका ऑपरेशन करेगी.’ पलवल की पुलिस अधीक्षक सुलोचना गजराज ने बताया कि उसका पहला शिकार अंजुम नाम की एक महिला बनी. वह अस्पताल के आईसीयू में भर्ती एक व्यक्ति की परिचारक थी. वह अस्पताल की दूसरी मंजिल पर सो रही थी. आरोपी किसी तरह वहां घुस गया.

हालांकि यह घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गयी. सीसीटीवी में आरोपी को कथित तौर पर हाथ में रॉड लिये दरवाजे के भीतर घुसते हुए देखा जा सकता है. वह पैंट और स्वेटर पहने था. उन्होंने बताया कि इसके बाद वह आगरा चौक पहुंचा और वहां उसने 3 और लोगों की हत्या कर दी. इसके कुछ ही समय बाद उसने 2 लोगों के सिर पर बार-बार प्रहार करके उनकी हत्या कर दी. गजराज ने बताया कि जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस का दल भेज कर सड़क पर सो रहे या वहां काम कर रहे सभी लोगों को हटा दिया गया.

उन्होंने बताया कि शहर में चौकियां स्थापित की थीं। यह शहर दिल्ली से 80 किलोमीटर दूर है. उन्होंने कहा, ‘जब हमने उसपर ध्यान केंद्रित किया तो वह अन्य शिकार की तलाश में था. वह लगभग 7 शिकार बना चुका था, क्योंकि उसने उसे घायल कर दिया था.’ उसे सुबह 7 बजे के करीब गिरफ्तार किया गया जब वह पलवल में एक निजी अस्पताल के पास सड़क पर घूम रहा था. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शहर में घने कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी. इसकी वजह से आरोपी के लिये अपने शिकार को निशाना बनाना आसान हो गया था.

उन्होंने बताया कि धनखड़ ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की और दबोचे जाने से पहले उसने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया. उन्होंने बताया कि धनखड़ मानसिक रूप से बीमार मालूम पड़ता है. हालांकि चिकित्सक इसपर अधिक प्रकाश डाल सकेंगे. उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार लगता है और बेहद आक्रामक दिखता है. प्रारंभिक जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि उसके अपनी पत्नी और 2 बच्चों के साथ तनावपूर्ण संबंध थे. गजराज ने बताया कि आरोपी को फरीदाबाद के सिविल अस्पताल भेजा गया है. वहां उसका मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराया जाएगा. उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस उपाधीक्षक अभिमन्यु लोहान ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उसने बिना किसी कारण के ये हत्याएं कीं. दूसरी तरफ प्रवक्ता ने बताया कि शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. प्रवक्ता ने बताया कि धनखड़ की 10 साल पहले शादी हुई थी और 4 साल बाद वह अपनी पत्नी से अलग हो गया. धनखड़ 5 भाइयों में सबसे छोटा था. उसके भाई चंद्रपाल ने दावा किया कि धनखड़ मानसिक रूप से बीमार था और मुरादनगर में एक चिकित्सक से उसका इलाज चल रहा था. उन्होंने दावा किया कि उसके भाई ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से एमएससी की पढ़ाई की और वहां वह टॉपरों में से एक था.

फरीदाबाद स्थित अस्पताल के एक चिकित्सक ने संवाददाताओं को बताया कि जब उसे लाया गया था तो वह अचेत था. पूर्व सैन्य अधिकारी जहां रहता था, वहां पर उसके पड़ोसियों ने बताया कि वह बहुत अधिक बातचीत नहीं करता था और अकेले रहना पसंद करता था.