नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में इस साल के अंत में संभावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुधवार को चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि उनकी सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और शिकायतों की जांच कर इनके गलत पाए जाने पर इन्हें ‘पेड न्यूज’ की श्रेणी में रखते हुए इनके विरूद्ध कार्रवाई की जाए. चौहान ने मध्य प्रदेश के भाजपा प्रभारी विनय सहत्रबुद्धे के साथ बुधवार को आयोग के समक्ष अपने प्रतिवेदन में यह अनुरोध किया है. इसके अलावा उन्होंने आयोग से मतदान के दिन मतदान केन्द्रों पर हर दो घंटे के अंतराल पर मतदान का प्रतिशत डिस्प्ले बोर्ड पर जारी करने का भी अनुरोध किया. जिससे राजनीतिक दल मतदान का प्रतिशत कम होने पर मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित कर सकें.

चुनावी साल में शिवराज ने की वादों की बौछार, कांग्रेस का सवाल 14 साल तक क्‍या कर रहे थे

चौहान ने बताया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस मैदान में चुनाव नहीं लड़ रही है, बल्कि शिकायतें करने कभी निर्वाचन आयोग आती है और कभी न्यायालय में आती है. निराधारा आरोप लगाकर झूठी शिकायतों के आधार पर भ्रम का वातावरण पैदा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में 60 लाख फर्जी मतदातओं के नाम मतदाता सूचियों में जोड़ देने की आयोग में शिकायत की. जांच में यह शिकायत निराधार पाई गई. चौहान ने कहा कि इस तरह की निराधार शिकायतों से प्रदेश की छवि तो खराब होती ही है.

मप्र: कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर लगाया 1200 करोड़ के घोटाले का आरोप, भाजपा का इंकार

उन्होंने दलील दी कि मध्य प्रदेश में उनकी पार्टी 15 साल से सत्ता में है इसलिये वह जनता के बीच अपनी उपलब्धियों के आधार पर ही जाएंगे. उन्होंने कहा ‘कई बार उपलब्धियों के अखबारों में प्रकाशन होने पर इसे ‘पेड न्यूज’ का मामला बताया जाता है. इसलिए हमने आयेग से आग्रह किया है कि कांग्रेस अदालत में भी शिकायतें कर इनका प्रकाशन अखबारों में कराती है. इन शिकायतों के गलत पाये जाने पर ऐसे मामलों में भी ‘पेड न्यूज’ की तरह कार्रवाई होनी चाहिए. चौहान ने बताया कि आयोग को दिए अन्य सुझावों में उन्होंने स्टार प्रचारकों के लिए जिले की बजाय पूरे प्रदेश के लिए प्रचार करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है.