नई दिल्ली: माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में दो शीर्ष अधिकारियों के मध्य जारी विवाद के बीच एजेंसी के निदेशक आलोक वर्मा को अवकाश पर भेजने के केंद्र सरकार के फैसले को गैरकानूनी बताया है. येचुरी ने बुधवार को इस मामले में मोदी सरकार पर सीबीआई में अपने चहेते अधिकारी को बचाने के लिये वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया. येचुरी ने ट्वीट कर कहा कि ‘मोदी सरकार द्वारा अपने उस चहेते अधिकारी को बचाने के लिए सीबीआई प्रमुख को गैरकानूनी तरीके से हटाया गया है, जिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जांच चल रही थी.’ Also Read - वर्मा को छुट्टी पर भेजने के खिलाफ CBI मुख्यालय पर कल धरना देगी कांग्रेस, राहुल भी होंगे शामिल

Also Read - मॉब-लिंचिंग के आरोपियों को जमानत मिलने पर जयंत सिन्हा ने खिलाया लड्डू, विपक्ष ने की निंदा

राहुल का पीएम मोदी पर हमला, CBI चीफ को हटाया क्योंकि जांच एजेंसी राफेल पर सवाल उठा रही थी Also Read - PNB Scam: BJP responds to Congress allegations, says you ley scamsters grow | पीएनबी घोटाला: कांग्रेस के आरोपों के जवाब में भाजपा ने कहा, ये आपके कृत्‍यों का नतीजा

उन्होंने विवाद के घेरे में आए सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना का नाम लिये बिना आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उक्त अधिकारी के भाजपा में शीर्ष नेतृत्व के साथ संबंधों को सुरक्षित तरीके से छुपाने के लिए की गई है. येचुरी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि ‘उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई प्रमुख को सरकार की ‘पसंद और नापसंदगी’ से बचाने के लिये उनका दो साल का कार्यकाल तय किया था जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सीबीआई ‘पिंजड़े में बंद’ नहीं है.’ उन्होंने सरकार से पूछा कि मोदी सरकार हड़बड़ी में कार्रवाई कर क्या छुपाना चाहती है.

CBI में रार: अफसरों को ताश के पत्तों की तरह फेंटा, पोर्ट ब्लेयर से लेकर जबलपुर भेजे गए

इस बीच भाकपा के सचिव अतुल कुमार अनजान ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि ‘देश की शीर्ष जांच एजेंसी में चल रही अराजक होड़ से साबित हो गया है प्रधानमंत्री ने अपने करीबी लोगों को शीर्ष पद पर तैनात कर अपने हितों की साधना के लिए सीबीआई को बर्बाद कर दिया.’ अनजान ने कहा कि बुधवार को तैनात किए गए अंतरिम प्रभारी निदेशक पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी जांच लंबित है. ऐसे में सीबीआई पर से देशवासियों का विश्वास टूट रहा है इसलिए उच्चतम न्यायालय को तत्काल इस मामले में दखल देना चाहिए.

CBI निदेशक को पद से ‘हटाए’ जाने पर विपक्ष ने उठाए सवाल, कहा- ‘गुजरात मॉडल’ का दिखा असली रंग