नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक कंपनी के उन ग्राहकों के पैसे लौटाने के लिए बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है. कोर्ट अब कंपनी के निदेश की निजी और गैर विवादित संपत्ति बेचेगा और घरों के खरीदारों का बकाया चुकाया जाएगा. शीर्ष कोर्ट ने सोमवार को कहा कि यूनिटेक के घर खरीदारों के पैसे को वापस लौटाने के लिए कंपनी के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा की निजी संपत्ति समेत कंपनी के गैर विवादित संपत्तियों की नीलामी की जाएगी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा,’ हम नीलामी करेंगे..हम नीलामी के साथ आगे बढ़ेंगे.’ Also Read - नेहा कक्कड़ का बड़ा खुलासा, बोलीं- बॉलीवुड नहीं देता गाने के लिए पैसे, बस! इसी का सहारा है

कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट को दी थी अधूरी जानकारी
जस्टिस दीपक मिश्रा की अनुवाई वाली पीठ ने कहा कि यूनिटेक ने गैर विवादित संपत्तियों की सूची सौंपी है, जो कि अधूरी है. सर्वोच्च न्यायालय ने 5 मार्च को यूनिटेक को अपने सभी गैर विवादित संपत्तियों को ब्योरा देने का निर्देश दिया था. वहीं, कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी एक कंपनी पर 25 लाख का जुर्मान किया है. Also Read - COVID-19: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- निजी लैब्स में भी मुफ्त में हो कोरोना की टेस्टिंग

जेएम फाइनेंस सर्विस लि. 25 लाख रुपए का जुर्माना
शीर्ष अदालत ने यूनिटेक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार को अधूरी सूची को शपथ पत्र के साथ सौंपने के आदेश दिए. कुमार ने अदालत के समक्ष चंद्रा की जमानत के लिए सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को जमानत दिए जाने का हवाला दिया. प्रधान न्यायाधीश मिश्रा ने सहारे के मामले में अप्रत्यक्ष रूप से कहा, ‘निवशकों की पहचान की जानी बाकी है, लेकिन ये लोग वास्तवित घर खरीदार हैं. वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.’ शीर्ष कोर्ट ने इससे जुड़े मामले में चेन्नई के जेएम फाइनेंस सर्विस लिमिटेड पर 25 लाख का जुर्माना लगाया. (इनपुट: एजेंसी) Also Read - प्रियंका और निक ने कोविड-19 राहत कोष में जमा कराए पैसे, ट्वीटर पर की तारीफ