नई दिल्ली: तिहाड़ जेल की सुरक्षा कर रही तमिलनाडु विशेष पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दिल्ली सरकार और जेल अधिकारियों से जवाब मांगा. जेल के अति-जोखिम वाले एक वार्ड के कैदियों ने अदालत को पत्र लिखकर आरोप लगाया था. मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वीके राव की पीठ ने इस शिकायत को जनहित याचिका में बदल दिया. Also Read - बड़ी राहत: 7 माह बाद हबीबगंज- नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस 17 अक्टूबर से फिर से चलेगी

पीठ ने दिल्ली सरकार, जेल महानिदेशक, तमिलनाडु विशेष पुलिस (टीएसपी) और उसके कुछ अधिकारियों को नोटिस जारी कर इस संबंध में अपना रूख स्पष्ट करने को कहा. तिहाड़ के केंद्रीय जेल 8 के उच्च जोखिम वाले वार्ड से लगभग 15 कैदियों ने खास तौर पर टीएसपी के एक सब-इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया है कि वह वार्ड में बंद मुस्लिम कैदियों पर हमला करने के लिए अन्य कैदियों को भड़काते हैं. Also Read - दिल्ली में तीन महीने बाद बहाल होंगी AIIMS की OPD सेवाएं, पहले इन रोगियों का होगा इलाज

इसके अलावा पत्र में यह आरोप भी लगाया गया है कि टीएसपी अधिकारी बल प्रयोग की धमकी भी देते हैं. पत्र के अनुसार कुछ अधिकारियों पर ‘कैदियों की जांच के दौरान दुर्व्यवहार’ और ‘मानवीय गरिमा का कोई सम्मान नहीं’ करने का आरोप लगाया गया है. अदालत ने दिल्ली सरकार, जेल के अधिकारियों और टीएसपी को 14 जनवरी 2019 तक जवाब देने को कहा है. अगली सुनवाई उसी दिन होगी. Also Read - दिल्ली से अमृतसर का सफर मात्र 4 घंटे में होगा पूरा, सिखों के इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा सड़क मार्ग