Black Fungus: दिल्ली में भी म्यूकोरमाइकोसिस यानी 'ब्लैक फंगस' को घोषित किया गया महामारी

Black Fungus: कोरोना के बाद दिल्ली में ब्लैक फंगस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसे महामारी घोषित कर दिया गया.

Published date india.com Updated: May 27, 2021 8:28 PM IST
Black Fungus Declared Epidemic in Delhi - What Does This Mean?

Black Fungus: कोरोना के बाद दिल्ली में ब्लैक फंगस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच इसे महामारी घोषित कर दिया गया. दिल्ली के उपराज्यपाल ने म्यूकोरमाइकोसिस के खतरे को देखते हुए महामारी अधिनियम के तहत ‘ब्लैक फंगस’ पर नियम जारी किए. दिल्ली सरकार ने इसके लिए औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. हाल ही में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली में भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया जाएगा. मालूम हो कि बीते शुक्रवार यानी 21 मई को दिल्ली में ब्लैक फंगस के करीब 200 मामले थे, जबकि बुधवार 26 मई को इनकी संख्या 600 से ज्यादा हो चुकी है.

दिल्ली सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया कि सभी अस्पताल ब्लैक फंगस के हर संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देंगे. साथ ही सभी अस्पताल ब्लैंक फंगस संक्रमण का पता लगाने, जांच और इलाज करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का अनुपालन करेंगे.

बता दें कि कई राज्यों में ब्लैक फंगस महामारी घोषित किया जा चुका है. उधर, दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में व्हाइट फंगस के कारण कोविड-19 के मरीज की पूरी आंत में अनेक छेद होने का अपनी तरह का पहला मामला सामने आया है. चिकित्सकों ने यह जानकारी दी.

अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी ऐंड पेनक्रिएटिकोबिलेरी साइंसेस के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने बताया, ‘कोविड-19 से पीड़ित लोगों की आंत में व्हाइट फंगस के कारण एक या दो छेद के मामले देखे गए हैं लेकिन इस मामले में तो भोजन की नली से लेकर नीचे बड़ी आंत तक अनेक छेद हुए मिले हैं.’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक हमें जानकारी है, कोरोना वायरस संक्रमण में व्हाइट फंगस (कैंडिडा) के कारण भोजन की नली, छोटी आंत, बड़ी आंत में कई छेद होने जैसा मामला कभी सामने नहीं आया.’

चिकित्सक ने कहा कि इस मामले पर बोस्टन के मेसाच्युसेट्स जनरल अस्पताल के विशेषज्ञों से भी तीन दिन पहले बात हुई थी. उन्होंने बताया कि 49 वर्षीय महिला को पेट में तेज दर्द, उल्टी तथा कब्ज की शिकायत के चलते 13 मई को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. स्तन कैंसर के कारण पिछले वर्ष दिसंबर में उनका स्तन निकाला गया था और चार हफ्ते पहले तक उनकी कीमोथैरेपी हुई थी. अस्पताल की ओर से जारी एक वक्तव्य में बताया गया, ‘मरीज के पेट का सीटी स्कैन करने पर पता चला कि पेट में पानी और हवा है जो आंत में छेद की वजह से होता है.’

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अगले दिन मरीज की सर्जरी की गई. इसमें पता चला कि मरीज की भोजन की नली के निचले हिस्से में भी छेद हैं. छोटी आंत के एक हिस्से में गैंगरीन होने के चलते उस हिस्से को निकाला गया. कोलोन की परत भी बहुत पतली हो गई थी तथा इसमें एक स्थान से रिसाव भी था. चिकित्सक ने बताया, ‘छेदों को बंद किया गया और गैंगरीन वाले हिस्से को निकाला गया. यह एक मुश्किल सर्जरी थी जो चार घंटे तक चली. आंत का एक हिस्सा बायोप्सी के लिए भेजा गया.

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