
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में चल रहे विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है. शुक्रवार (6 मार्च, 2026) को दिल्ली सचिवालय में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने साफ कहा कि सरकार के पास विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन काम में ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विकास परियोजनाओं पर काम होना है, उनकी टेंडर प्रक्रिया मार्च के अंत तक पूरी कर ली जाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादातर परियोजनाएं मॉनसून से पहले पूरी हो जानी चाहिए ताकि लोगों को जल्द से जल्द सुविधाओं का लाभ मिल सके.
बैठक में सीएम रेखा ने मुख्यमंत्री विकास फंड (सीएमडीएफ), दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड (डीवीडीबी) और यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड (टीवाईएडीबी) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की. इस बैठक में डीवीडीबी के अध्यक्ष राजकुमार चौहान और टीवाईएडीबी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में विकास कार्यों की गति तेज होनी चाहिए और उसका असर जमीन पर भी दिखना चाहिए. उन्होंने बताया कि इन तीनों विभागों के माध्यम से अब तक करीब 3,786 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है. सरकार की प्राथमिकता है कि यह पैसा समय पर खर्च हो और विकास कार्य तय समय सीमा में पूरे हों.
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री विकास फंड के तहत बड़े स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं. इस योजना के तहत अब तक 3,812 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है, जिनकी अनुमानित लागत करीब 1798.85 करोड़ रुपये है. इन परियोजनाओं में सड़कों और नालियों का निर्माण, जल आपूर्ति से जुड़े कार्य, स्ट्रीट लाइट लगाना, पार्कों का विकास और अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना शामिल है. इन योजनाओं को लागू करने के लिए नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.
सीएम रेखा ने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों के विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है. दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के तहत 707 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर लगभग 1,557 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य गांवों में सड़क, पानी, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है. उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को 411, नगर निगम को 293 और डीएसआईआईडीसी को 3 परियोजनाएं दी गई हैं, जिन पर तेजी से काम चल रहा है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यमुनापार क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के लिए 799 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर करीब 430 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इन योजनाओं के तहत सड़कों और नालियों का निर्माण, पेयजल व्यवस्था, पार्कों का विकास, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन और स्कूल भवन जैसी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और लंबित टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा करें, ताकि राजधानी के हर क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ सकें.
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