Delhi Assembly Election 2025 : दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. कांग्रेस से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी, जिसके बाद अन्य राजनीतिक पार्टियों की लिस्ट का इंतजार किया जाने लगा था. इस बीच कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने 21 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. लिस्ट में दिल्ली की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री शील दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित का भी नाम है, जिसे कांग्रेस ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की वर्तमान सीट पर मैदान में उतारा है. उम्मीद की जा रही है कि चुनाव में अरविंद केजरीवाल और संदीप दीक्षित का आमना-सामना हो सकता है.
कांग्रेस ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व लोकसभा सांसद संदीप दीक्षित को नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है. वहीं, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव बादली सीट से चुनाव लड़ेंगे. जबकि कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक वजीरपुर से चुनाव लड़ेंगी. उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में कस्तूरबा नगर से पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त, बल्लीमारान से पूर्व मंत्री हारून यूसुफ, पटपड़गंज से पूर्व डीपीसीसी अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार भी शामिल हैं. संदीप दीक्षित उस सीट से चुनाव लड़ेंगे जिसका प्रतिनिधित्व कभी उनकी मां शीला दीक्षित करती थीं. 2013 के विधानसभा चुनाव में शीला दीक्षित को आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हरा दिया था.
Congress releases first list of 21 candidates for Delhi elections.
Delhi Congress chief Devender Yadav to contest from Badli, Ragini Nayak from Wazirpur, Sandeep Dikshit from New Delhi, Abhishek Dutt from Kasturba Nagar. pic.twitter.com/ceb8QcGCkK
— ANI (@ANI) December 12, 2024
अरविंद केजरीवाल ने 2015 और फिर 2020 के चुनाव में फिर से सीट जीती. हालांकि आप ने नई दिल्ली सीट के लिए अभी किसी उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि इस सीट से हमेशा की तरह अरविंद केजरीवाल ही चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस ने 2024 का लोकसभा चुनाव दिल्ली में सहयोगी AAP के साथ गठबंधन में लड़ा. हालांकि, दोनों पार्टियां राजधानी में अकेले चुनाव लड़ रही हैं. अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया था, ‘आम आदमी पार्टी दिल्ली में यह चुनाव अपने दम पर लड़ेगी. कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है.’ सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस, जिसने 1998 से 2013 तक दिल्ली पर शासन किया, पिछले दो चुनावों में एक भी सीट जीतने में विफल रही.
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