दिल्ली के सभी असुरक्षित कोचिंग सेंटर होंगे सील, सरकार ने दिया एक महीने का अल्टीमेटम

Written By: India.com Hindi News Desk Updated by: Rishabh Kumar
Updated Date:June 27, 2026 8:13 PM IST

दिल्ली सरकार ने सभी कोचिंग सेंटरों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए एक महीने का समय दिया है. नियम नहीं मानने वाले संस्थानों को सील किया जाएगा और नया कानून भी आएगा.

  • कोचिंग सेंटरों को मिला एक महीने का अल्टीमेटम
  • सुरक्षा नियम नहीं मानने पर होगी सीलिंग
  • छात्रों की शिकायत पर तुरंत होगी जांच
  • नए कानून से बढ़ेगी छात्रों की सुरक्षा

दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी कोचिंग सेंटरों के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि सभी संस्थानों को अगले एक महीने के भीतर जरूरी सुरक्षा नियम पूरे करने होंगे. जिन कोचिंग सेंटरों में फायर ऑडिट, सुरक्षा उपकरण और भवन से जुड़ी जरूरी व्यवस्था नहीं मिलेगी, उन्हें आगे चलाने की अनुमति नहीं होगी. सरकार का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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सुरक्षा नियम पूरे नहीं हुए तो होगा एक्शन

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि तय समय के बाद जिन कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों की कमी मिलेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे संस्थानों को सील भी किया जा सकता है. सरकार चाहती है कि हर कोचिंग सेंटर में फायर सेफ्टी सिस्टम, सुरक्षित इमारत, इमरजेंसी एग्जिट और दूसरे जरूरी इंतजाम मौजूद हों. अधिकारियों को भी सभी संस्थानों की जांच करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

हाई कोर्ट की सिफारिश पर बनेगा नया कानून

दिल्ली सरकार ने बताया कि हाई कोर्ट की समिति की सिफारिशों के आधार पर जल्द नया कानून लाया जाएगा. इस कानून का मकसद कोचिंग संस्थानों की नियमित निगरानी करना और उनकी जवाबदेही तय करना है. सरकार चाहती है कि सभी संस्थानों के लिए एक जैसे नियम लागू हों, ताकि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा कोई समझौता न हो. नए कानून के लागू होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर और सख्त कार्रवाई की जा सकेगी.

छात्र सीधे सरकार को कर सकेंगे शिकायत

सरकार ने छात्रों से भी अपील की है कि अगर उनके कोचिंग सेंटर में सुरक्षा से जुड़ी कोई कमी दिखाई देती है तो वे इसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाएं. इसके लिए ईमेल, फोन या संदेश के जरिए शिकायत की जा सकती है. सरकार का कहना है कि हर शिकायत पर ध्यान दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर जांच भी कराई जाएगी. इससे छात्रों को सुरक्षित माहौल मिलेगा और संस्थानों पर नियमों का पालन करने का दबाव भी बढ़ेगा.

छात्रों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि हर छात्र को सुरक्षित माहौल देना है. लाखों छात्र हर दिन कोचिंग सेंटरों में पढ़ाई करने जाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार चाहती है कि सभी संस्थान समय रहते जरूरी सुधार कर लें ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना कम हो सके और छात्र बिना किसी चिंता के पढ़ाई कर सकें.

सरकार ने साफ कर दिया है कि यह समय सुधार के लिए दिया गया है. एक महीने की अवधि पूरी होने के बाद जांच अभियान चलाया जाएगा. जिन संस्थानों ने सभी सुरक्षा नियम पूरे कर लिए होंगे, वे सामान्य रूप से काम करते रहेंगे. लेकिन जिन कोचिंग सेंटरों में लापरवाही मिलेगी, उनके खिलाफ सीलिंग सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मानना है कि इस फैसले से दिल्ली के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों को पहले से ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा.

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