दिल्ली-NCR में 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचा AQI ; चारों तरफ धुंध की चादर, आंखों में जलन और सांस लेने में हो रही है दिक्कत

दिल्ली में बुधवार की सुबह स्मॉग की वजह से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. सुबह से ही भारी स्मॉग की वजह से शहर की सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई.

Published date india.com Updated: November 14, 2024 8:47 AM IST
दिल्ली-NCR में 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचा AQI ; चारों तरफ धुंध की चादर, आंखों में जलन और सांस लेने में हो रही है दिक्कत

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर बेहद ही खराब होता जा रहा है, जिसकी वजह से आम लोगों को कई तरह की स्वास्थ्या संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. आज सुबह से ही दिल्ली के मौसम में भी काफी बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे की तापमान में गिरावट देखी जा रही है. इसके चलते दिल्ली- एनसीआर  को धुंध की एक चादर ने ढक दिया है.  तापमान में गिरावट के चलते लोगों को सुबह से ही ठंड का एहसास हो रहा है.

बता दें कि बुधवार को औसत एक्यूआई 349 दर्ज किया गया था. केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में गुरुवार सुबह 7:15 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 430 अंक बना हुआ है. जो गंभीर श्रेणी में आता है. जबकि दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 284, गुरुग्राम में 309, गाजियाबाद में 375, ग्रेटर नोएडा में 320 और नोएडा में 367 अंक बना हुआ है.

राजधानी दिल्ली की अधिकतर इलाकों में गुरुवार को एक्यूआई स्तर 400 के ऊपर चला गया है, जिसमें अलीपुर में 420, आनंद विहार में 473, अशोक विहार में 474, आया नगर में 422, बवाना में 455, चांदनी चौक में 407, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 417, द्वारका सेक्टर 8 में 458, IGI एयरपोर्ट में 435, आईटीओ में 434, जहांगीरपुरी में 471, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 408, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 444 और मंदिर मार्ग में 440 दर्ज किया गया.

कोहरे के कई फ्लाइट डायवर्ट

भारी कोहरे के चलते से बुधवार को आईजीआई एयरपोर्ट पर 10 फ्लाइट को डायवर्ट करना पड़ा. इनमें 9 जयपुर और 1 लखनऊ के लिए डायवर्ट की गईं. सुबह के समय सफदरजंग में भी विजिबिलिटी 400 मीटर के आसपास रही. कोहरे के कारण एनएच-24, धौला कुआं, रिंग रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई.

प्रदूषण में चलने के अलावा कोई रास्ता नहीं

दिल्ली के रहने वाले अभिमन्यु झा ने आईएएनएस को बताया, ‘मैं तो यही कहूंगा कि प्रदूषण अब जानलेवा हो गया है. लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, और फेफड़े भी खराब हो रहे हैं. हम गरीब लोग तो इसे सहते हैं, क्योंकि प्रदूषण में चलने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. लेकिन अगर अमीर लोग अपनी गाड़ियों में कोई नया सिस्टम अपनाएं, जो प्रदूषण कम कर सकते हैं. प्रदूषण अब इतना खतरनाक हो गया है, और ये हर साल बढ़ता ही जा रहा है. जैसे शहर के कुछ इलाकों में थोड़ा फर्क दिखता है, लेकिन हाईवे पर तो हालात बहुत खराब हैं.’

सरकार को ठोस उपायों पर देना चाहिए ध्यान

अभिमन्यु झा ने आगे कहा , ‘आज तो बस शुरुआत है, ठंड अभी बाकी है, और हर साल यह समस्या और बढ़ती जा रही है. दिल्ली सरकार ने जो छिड़काव शुरू किया है, वह दिखावा जैसा लगता है, क्योंकि प्रदूषण कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है. गाड़ियों में कोई बदलाव नहीं किए जा रहे, जो हो रहा है वह पूरी तरह से नाकाफी है. हरियाणा और पंजाब में पराली जलाना भी जारी है, और हर कोई एक-दूसरे पर दोष लगा रहा है. सरकार को अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप में नहीं, बल्कि ठोस उपायों पर ध्यान देना चाहिए. 

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