
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सीएम रेखा गुप्ता एक्शन में आ गई हैं. सरकार प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाएगी. इसी दिशा में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए. सीएम रेखा ने साफतौर पर कहा कि सरकार का मकसद जुर्माने से पैसा कमाना नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों को साफ और सांस लेने लायक हवा देना है.
बैठक में मुख्यमंत्री ने सबसे सख्त रुख उन वाहनों को लेकर दिखाया, जो बिना वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र यानी PUC के सड़कों पर चल रहे हैं. अभी नियमों के मुताबिक, ऐसे वाहनों पर 10 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाता है. लेकिन अक्सर लोग लोक अदालत के जरिए इसे बहुत कम करवा लेते हैं. मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब ऐसा नहीं होगा. उन्होंने साफ निर्देश दिए कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का चालान किसी भी हालत में माफ नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए सरकार को अदालत का रास्ता ही क्यों न अपनाना पड़े.
प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार निजी कंपनियों की भी मदद ले रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही ओला और उबर जैसी बड़ी कंपनियों से बातचीत की जाएगी. योजना है कि दिल्ली-एनसीआर में पूल और शेयर मॉडल पर इलेक्ट्रिक या प्रदूषण मुक्त बसें चलाई जाएं. इससे एक तरफ सड़कों पर निजी गाड़ियों की संख्या कम होगी और दूसरी तरफ लोगों को सस्ता, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल सफर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी को धीरे-धीरे जीरो उत्सर्जन की ओर ले जाना उनकी प्राथमिकता है.
दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या ट्रैफिक जाम का कारण बन रही हैं. इस समस्या से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने जल्द नई ई-रिक्शा गाइडलाइन लाने की घोषणा की है. इन नियमों के तहत ई-रिक्शा के रूट और संचालन क्षेत्र तय किए जाएंगे, ताकि ट्रैफिक सुचारू रहे और सड़कों पर अव्यवस्था न फैले.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने DTC बसों के रूट को नए सिरे से व्यवस्थित करने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री का कहना है कि बस सेवा दिल्ली के हर कोने और हर गली तक पहुंचनी चाहिए. जब आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी, तो लोग निजी गाड़ियों के बजाय बसों का इस्तेमाल करेंगे. बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि फैसलों को कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर तुरंत उतारा जाए. उनका साफ संदेश है कि प्रदूषण के खिलाफ यह लड़ाई पूरी ताकत से और हर मोर्चे पर लड़ी जाएगी, ताकि दिल्ली को साफ, हरा-भरा और रहने लायक बनाया जा सके.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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