दिल्ली: जस्टिस वर्मा के घर से मोटा कैश मिलने के मामले में सौंपी गई रिपोर्ट, इलाहबाद HC होगा ट्रांस्फर, SC करेगा पड़ताल

14 मार्च को होली की रात करीब 11.35 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित आवास में आग लगने के बाद दमकल कर्मी आग बुझाने पहुंचे थे. इस दौरान वहां कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी.

Published date india.com Published: March 22, 2025 12:15 PM IST
दिल्ली: जस्टिस वर्मा के घर से मोटा कैश मिलने के मामले में सौंपी गई रिपोर्ट, इलाहबाद HC होगा ट्रांस्फर, SC करेगा पड़ताल

दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Varma) के सरकारी आवास से कथित तौर पर नकदी मिलने के मामले में भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना को संभवत: एक रिपोर्ट सौंप दी है. न्यायमूर्ति उपाध्याय ने घटना के संबंध में साक्ष्य और जानकारी एकत्रित करने के लिए आंतरिक जांच प्रक्रिया शुरू की थी और शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की. उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम रिपोर्ट की पड़ताल करेगा और फिर कोई कार्रवाई कर सकता है.

दमकल कर्मी आग बुझाने पहुंचे थे…

दरअसल, 14 मार्च को होली की रात करीब 11.35 बजे न्यायमूर्ति वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित आवास में आग लगने के बाद दमकल कर्मी आग बुझाने पहुंचे थे. इस दौरान वहां कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी मिली थी. शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति वर्मा के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की है और उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव भी है.

क्या बोले न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा

बयान में कहा गया, ‘‘न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के आवास पर हुई घटना के संबंध में गलत सूचना और अफवाहें फैल रही हैं.’’ शीर्ष अदालत ने कहा कि सूचना प्राप्त होने पर न्यायमूर्ति उपाध्याय ने ‘‘साक्ष्य और सूचना एकत्रित करने के लिए आंतरिक जांच प्रक्रिया शुरू कर दी.’’ बताया जाता कि न्यायमूर्ति उपाध्याय ने 20 मार्च को कॉलेजियम की बैठक से पहले ही जांच शुरू कर दी थी.

तबादले के प्रस्ताव की पड़ताल 20 मार्च को

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि उनके तबादले के प्रस्ताव की पड़ताल 20 मार्च को प्रधान न्यायाधीश और चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों वाले उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम ने की थी और उसके बाद न्यायमूर्ति वर्मा के अलावा शीर्ष न्यायालय के परामर्शदात्री न्यायाधीशों, संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र भेजे गए थे. न्यायालय ने कहा, ‘‘प्राप्त प्रतिक्रियाओं की पड़ताल की जाएगी और उसके बाद कॉलेजियम एक प्रस्ताव पारित करेगा.’’

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Delhi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.