जीबी पंत अस्पताल बना और भी हाईटेक! कैंसर से स्ट्रोक तक की गंभीर बीमारियों का भी इलाज हो जाएगा आसान

Delhi News Today: रेखा गुप्ता सरकार ने जीबी पंत अस्पताल में उत्तर भारत का पहला विशेष सीटी स्कैनर लगवाया. इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कैथ लैब और न्यूरो ICU का भी उद्घाटन किया.

Written by: Parinay Kumar
Published: February 9, 2026, 8:28 PM IST

Delhi Latest News: दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने सोमवार को गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल (GB Pant Hospital) में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर, नई कैथ लैब तथा अत्याधुनिक न्यूरो ICU व ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स जनता को समर्पित किया गया.  मुख्यमंत्री का कहना है कि इन सुविधाओं से न केवल दिल्ली के नागरिकों को बल्कि अन्य राज्यों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी.  कार्यक्रम में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे.

किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है 256-स्लाइस सीटी स्कैनर

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि दिल्ली के स्वास्थ्य तंत्र को विश्वस्तरीय बनाया जाए, ताकि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध इलाज की गुणवत्ता किसी भी निजी अस्पताल से कम न हो.  मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जीबी पंत अस्पताल में स्थापित 256-स्लाइस सीटी स्कैनर अपनी श्रेणी का अत्यंत आधुनिक उपकरण है और उत्तर भारत में यह पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसे किसी सरकारी अस्पताल में स्थापित किया गया है. यह मशीन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और एंजियोग्राफी से जुड़ी बीमारियों की त्वरित और सटीक पहचान में सहायक सिद्ध होगी तथा कई मामलों में जीवन रक्षक की भूमिका निभाएगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि न्यूरो विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पंत अस्पताल में फिलिप्स की अत्याधुनिक एंजियोरियन मोनोप्लेन न्यूरो कैथ लैब की स्थापना की गई है. इससे गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज को काफी हद तक डॉक्टर्स को मदद मिलेगी. उन्होंने आगे जानकारी दी कि अस्पताल के पुराने न्यूरो आईसीयू को पूरी तरह से नवीनीकृत कर 16-बेड का आधुनिक न्यूरो आईसीयू विकसित किया गया है, जहां 24 घंटे गहन निगरानी और विशेष उपचार की सुविधा उपलब्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के देश को वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के विज़न के अनुरूप दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि राजधानी दिल्ली भी एक प्रमुख हेल्थ हब के रूप में उभरे, जहां देश और दुनिया से लोग इलाज के लिए आएं.

उन्होंने कहा कि यह उद्घाटन दिल्ली सरकार की उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके तहत राजधानी में उन्नत, सुलभ और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जीबी पंत अस्पताल में 256-स्लाइस सीटी स्कैनर, न्यूरो कैथ लैब और अत्याधुनिक न्यूरो ICU की शुरुआत दिल्ली की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देती है. उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से अब दिल्ली के नागरिकों को न्यूरो और डायग्नोस्टिक उपचार के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा और उन्हें समय पर सुलभ इलाज मिल सकेगा. उन्होंने बताया कि न्यूरो आईसीयू को नवीनतम तकनीक से अपग्रेड किया गया है और नया कैथ लैब शुरू किया गया है, जिससे स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर और अन्य जटिल न्यूरो समस्याओं का त्वरित इलाज संभव हो पाएगा. यह सुविधाएं विशेष रूप से गंभीर मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगी. उन्होंने दोहराया कि आधुनिक तकनीक और समय पर उपचार ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि हर मरीज को नई तकनीक पर आधारित बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा सके.

ये हैं इन मशीनों की विशेषताएं

स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर: करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर उत्तर भारत का पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसमें ‘ऑलवेज-ऑन’ स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक उपलब्ध है. इस तकनीक की मदद से शरीर के अंदरूनी अंगों की बेहद स्पष्ट और सटीक जांच कुछ ही सेकंड में संभव हो सकेगी. इससे हृदय रोग, कैंसर, मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों, स्ट्रोक और एंजियोग्राफी जैसी जटिल जांचों में तेज और सही निदान हो पाएगा. साथ ही, इसमें रेडिएशन की मात्रा भी कम रखी गई है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और बेहतर होगी.

न्यूरो कैथ लैब: अस्पताल में 9 करोड़ रुपये की लागत से न्यूरो कैथ लैब भी शुरू की गई है. इस लैब में स्ट्रोक के इलाज, ब्रेन ट्यूमर, एन्यूरिज्म और अन्य गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के लिए उन्नत उपचार संभव हो सकेंगे. इस लैब के माध्यम से प्रति वर्ष 1,200 से अधिक मरीजों को उन्नत और समयबद्ध इलाज का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में मृत्यु और विकलांगता के जोखिम को कम किया जा सकेगा.

आधुनिक न्यूरो आईसीयू: करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड वाला आधुनिक न्यूरो आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स भी शुरू किया गया है. यह न्यूरो ICU उन्नत रोगी निगरानी प्रणालियों, विशेष ऑपरेटिव सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ से युक्त है, जिससे गंभीर न्यूरो-क्रिटिकल एवं पोस्ट-ऑपरेटिव मरीजों को समग्र और सुरक्षित देखभाल उपलब्ध कराई जा सकेगी.

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