नई नीति के तहत होटल, गेस्ट हाउस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिलने वाले सिलेंडरों में भी कमी की गई है. (Photo from PTI File)
देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी को देखते हुए सरकार ने नया वितरण सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. सरकार का कहना है कि इस नई नीति का मकसद लिमिट के बीच सही और बराबर तरीके से सिलेंडर बांटना है. खास तौर पर अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े संस्थानों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू की गई है और जब सप्लाई सामान्य हो जाएगी तब इसे हटाया जा सकता है.
नियंत्रित सप्लाई के तहत होगा सिलेंडर वितरण
दिल्ली सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. इसके तहत, अब रोज बिकने वाले करीब 9 हजार कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों में से लगभग 20 प्रतिशत सिलेंडर नियंत्रित वितरण के तहत दिए जाएंगे. इसका मतलब है कि रोजाना करीब 1,800 सिलेंडर तय प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग संस्थानों को दिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि इससे जरूरी सेवाओं को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और बाजार में जमाखोरी जैसी समस्याओं पर भी रोक लगेगी.
पिछले तीन महीनों के हिसाब से तय होगी मात्रा
नई व्यवस्था के तहत, गैस का वितरण केवल बुकिंग के आधार पर किया जाएगा. किसी भी होटल, रेस्तरां या संस्थान को कितने सिलेंडर दिए जाएंगे, यह उसके पिछले तीन महीनों की औसत खपत के आधार पर तय किया जाएगा. अधिकारियों का मानना है कि इस तरीके से कोई भी संस्थान जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा नहीं कर पाएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल मुख्य रूप से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ही दी जाएगी. 5 किलोग्राम वाले छोटे कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है.
जरूरी सेवाओं को दी गई प्राथमिकता
सरकार ने नई नीति में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता भी तय कर दी है. स्कूल, अस्पताल, रेलवे और एयरपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं को उनकी जरूरत के अनुसार गैस मिलती रहेगी. वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में सिलेंडरों की संख्या कम कर दी गई है. अब उदाहरण से समझें तो सरकारी संस्थानों और पीएसयू कैंटीनों को मिलने वाले सिलेंडरों में थोड़ी कटौती की गई है. सबसे ज्यादा असर रेस्तरां और खाने-पीने के छोटे कारोबारों पर पड़ेगा. क्योंकि इनके लिए सिलेंडरों की संख्या में सबसे बड़ी कमी की गई है.
कई सेक्टरों में कम होगी सप्लाई
नई नीति के तहत होटल, गेस्ट हाउस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिलने वाले सिलेंडरों में भी कमी की गई है. इसके अलावा डेयरी यूनिट, बेकरी और मिठाई की दुकानों को मिलने वाले सिलेंडरों में भी कटौती की गई है. कैटरिंग सेवाएं, बैंक्वेट हॉल, ड्राई क्लीनिंग, पैकेजिंग और फार्मास्यूटिकल यूनिट्स जैसी जगहों पर भी सीमित मात्रा में सिलेंडर दिए जाएंगे. सरकार का कहना है कि यह नियंत्रित व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती. अधिकारियों को उम्मीद है कि इस फैसले से जरूरी सेवाओं को राहत मिलेगी और शहर में गैस का वितरण संतुलित तरीके से हो सकेगा.
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