
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से बीते 16 और 18 अगस्त को कुल 2.40 लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे अगले 72 घंटों में दिल्ली पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. हथिनीकुंड बैराज से 16 अगस्त को 1.78 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया, जबकि 18 अगस्त को और करीब 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इसका असर अगले 72 घंटे में दिल्ली में दिखाई दे सकता है. इस स्थिति में यमुना किनारे बसे इलाकों में बाढ़ के हालात बन सकते हैं. फिलहाल, दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ है. मंगलवार सुबह 8 बजे दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर 205.85 मीटर दर्ज किया गया, जो निकासी के लिए निर्धारित 206 मीटर के निशान से थोड़ा कम है. सोमवार दोपहर तक, नदी खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 205.55 मीटर तक पहुंच गई थी और तब से लगातार बढ़ रही है. जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने ओखला बैराज के सभी गेट खोल दिए हैं.
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के यमुना बाजार और आसपास के इलाकों में पानी घुसने लगा है, जिससे निवासियों को अपने घर छोड़कर अस्थायी तंबुओं या छतों पर शरण लेनी पड़ रही है. एक अन्य स्थानीय निवासी अनिरुद्ध ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सोमवार दोपहर से पानी जमा हो गया है, जिससे काफी मुश्किलें हो रही हैं और सामान छत पर ले जाया गया है. देव प्रकाश पांडे ने कहा कि हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. बहुत सी चीजें, हमारा सामान, सब कुछ बर्बाद हो गया है. हमें छतों पर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है. हमें खाना नहीं मिल रहा है. हालांकि, बाढ़ के खतरे को देखते हुए दिल्ली में सिंचाई विभाग और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं. वहीं यमुना किनारे बसे इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है.
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले पूरे हफ्ते एनसीआर के अधिकांश इलाकों में कभी हल्की रिमझिम तो कभी मध्यम बारिश का दौर चलता रहेगा. सप्ताह के आखिर तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और तेज बारिश व गरज-चमक की गतिविधियों की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, 19 अगस्त को एनसीआर में हल्की बूंदाबांदी और छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी. इसके बाद 20 और 21 अगस्त को कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. तापमान सामान्य से कुछ कम रहा और अधिकतम पारा 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. 22 और 23 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने का अनुमान है.
इस दौरान न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम तापमान करीब 31 से 32 डिग्री तक रह सकता है. हवा में नमी का स्तर 95 प्रतिशत तक पहुंचने से उमस भी बनी रहेगी. सप्ताह के अंतिम दिनों यानी 24 और 25 अगस्त को एनसीआर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि इन दो दिनों में बारिश का असर ज्यादा रहेगा और कई जगहों पर भारी बारिश जैसी स्थिति भी बन सकती है. आईएमडी ने बताया कि फिलहाल किसी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है, लेकिन बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. यात्रा के दौरान वाहन चालकों को सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की अपील की गई है. बारिश के चलते जहां तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, वहीं लोगों को उमस और भारी ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है. (इनपुट एजेंसी से)
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