Ladakh Buddha Vihar Bridge: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कश्मीरी गेट के पास आउटर रिंग रोड पर स्थित लद्दाख बुद्ध विहार इलाके में नए फुट ओवर ब्रिज का शिलान्यास किया. इस प्रोजेक्ट की लागत करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई है. लंबे समय से यहां रहने वाले लोग इस पुल की मांग कर रहे थे, क्योंकि इस सड़क पर ट्रैफिक काफी तेज रहता है. ऐसे में सड़क पार करना कई बार मुश्किल और जोखिम भरा हो जाता था.
नए फुट ओवर ब्रिज बनने के बाद लोग आराम से और सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकेंगे. खासकर उन लोगों को ज्यादा राहत मिलेगी जो रोजाना मोनेस्ट्री मार्केट या आसपास के इलाकों में काम, खरीदारी या मंदिर आने-जाने के लिए जाते हैं. सरकार का कहना है कि इससे इलाके में चलना-फिरना आसान होगा और सड़क हादसों का खतरा भी कम होगा.
डिजाइन में दिखेगी लद्दाख की झलक
इस कार्यक्रम में चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल और दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फुट ओवर ब्रिज का डिजाइन थोड़ा खास होगा. इसे बनाते समय लद्दाख की पारंपरिक वास्तुकला को ध्यान में रखा गया है, ताकि यह सिर्फ एक पुल न लगे बल्कि इलाके की पहचान भी दिखाए. इसका मतलब यह है कि यहां आने वाले लोगों को लद्दाख की संस्कृति की झलक भी दिखाई देगी. पुल में लिफ्ट भी लगाई जाएगी. इससे बुजुर्ग लोगों, दिव्यांग लोगों और गर्भवती महिलाओं को ऊपर-नीचे जाने में परेशानी नहीं होगी. आज के समय में ऐसी सुविधाएं बहुत जरूरी हैं, क्योंकि शहर में हर उम्र और जरूरत के लोग रहते हैं. यह प्रोजेक्ट उसी सोच के साथ बनाया जा रहा है.
दिल्ली में अलग-अलग संस्कृतियों का साथ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देश का ऐसा शहर है जहां अलग-अलग राज्यों के लोग मिलकर रहते हैं. यहां कई सालों से लद्दाख से आए परिवार भी रहते हैं और उन्होंने इस इलाके को अपनी पहचान दी है. ये लोग भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से शांति और भाईचारे का संदेश फैलाते हैं. सरकार का कहना है कि दिल्ली में रहने वाले हर समुदाय की संस्कृति और परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए. इसी वजह से लद्दाख बुद्ध विहार इलाके के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यहां की बाकी समस्याओं को भी धीरे-धीरे हल किया जाएगा. मंदिर परिसर के विकास, आसपास की सफाई और अवैध कब्जे जैसी दिक्कतों पर भी काम करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने की बात कही गई है.
रोजमर्रा की सुविधा पर फोकस
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह फुट ओवर ब्रिज सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम है. इस रास्ते से रोज कई लोग गुजरते हैं — स्थानीय लोग, श्रद्धालु और बाजार आने वाले ग्राहक भी. ऐसे में सुरक्षित पैदल रास्ता होना बहुत जरूरी था. पुल बनने के बाद ट्रैफिक के बीच सड़क पार करने की जरूरत कम हो जाएगी. दिल्ली सरकार का कहना है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह की सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है. मकसद यह है कि लोगों का रोज का सफर थोड़ा आसान और सुरक्षित बने. खासकर युवा, नौकरी करने वाले लोग और परिवार जो रोज शहर में आना-जाना करते हैं, उन्हें ऐसी सुविधाओं से काफी मदद मिलती है.
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