
Parinay Kumar
परिणय कुमार को पत्रकारिता में लगभग 14 साल का अनुभव है. वह करियर की शुरुआत से ही पॉलिटिकल और स्पोर्ट्स की खबरें लिखते रहे हैं. 2008 में बिहार के ललित ... और पढ़ें
Tillu Tajpuriya Murder Video: दिल्ली के तिहाड़ जेल से एक खौफनाक वीडियो सामने आया है. सीसीटीवी में रिकॉर्ड यह वीडियो 2 मई का जब गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया को जेल के अंदर ही मौत के घात उतार दिया गया. टिल्लू पर नुकीले हथियार से 100 से ज्यादा बार हमला किया गया था. वीडियो में देखा जा सकता है कि 6 से 7 कैदी चादर के सहारे जेल की फर्स्ट फ्लोर से नीचे उतरते हैं और हाई रिस्क जोन में बंद टिल्लू की बैरक में घुस जाते हैं. इसके बाद जान बचाने के लिए टिल्लू बैरक से निकलता है. हालांकि गैंगवार में शामिल कैदी नुकीले हथियार से कम से कम 100 से ज्यादा वार करते हैं. वीडियो को देखकर आपकी रुह कांप जाएगी.
मालूम हो कि बीते 2 मई को दिल्ली की तिहाड़ जेल में कुख्यात गोगी गिरोह के कथित चार सदस्यों ने रोहिणी अदालत में गोलीबारी की घटना के आरोपी टिल्लू ताजपुरिया की धारदार हथियार से हमला कर दिया था. ताजपुरिया को इसके बाद दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टिल्लू ताजपुरिया (33) को भूतल स्थित वार्ड में बंद किया गया था और प्रतिद्वंद्वी गुट गोगी गिरोह के कैदियों ने सुबह छह बजकर 15 मिनट पर उस हमला किया. हमलावर-दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान उसी वार्ड के पहले तल पर बंद थे.

Gangster Tillu Tajpuriya, Accused in Delhi’s Rohini Court Shootout, Killed In Tihar Jail (PTI/FILE)
जेल अधिकारियों ने पहले संदेह जताया था कि हमलावरों ने उच्च सुरक्षा वाले वार्ड के पहले तल पर लगी लोहे की दो छड़ों को काटा और उन्हें फिर से वहां रख दिया, ताकि किसी को शक नहीं हो. उन्होंने बताया कि हमले से पहले उन्होंने इन सलाखों को हटाया और वे एक चादर की सहायता से नीचे उतर आए. अधिकारियों ने बताया कि जिस समय हमला किया गया, उस समय कैदियों की गिनती के लिए कोठरियों की खोला गया था. उन्होंने बताया कि यह पूरा हमला दो मिनट के भीतर हुआ था.
देखें VIDEO
यह तिहाड़ जेल में किसी कैदी की हत्या होने का एक महीने में दूसरा मामला है. इससे पहले, 14 अप्रैल को जेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के प्रिंस तेवतिया (33) की एक कैदी से कहासुनी होने के बाद प्रतिद्वंद्वी गिरोह के सदस्यों ने हत्या कर दी थी. तेवतिया एक विचाराधीन कैदी था और उसे जेल संख्या तीन के वार्ड नंबर छह में रखा गया था, जहां करीब 380 कैदी थे. अधिकारियों ने दावा किया कि तेवतिया के साथ हुई घटना के बाद वे धारदार हथियार और मोबाइल फोन जैसी अन्य अवैध वस्तुओं को ढूंढने के लिए सभी वार्ड में गहन तलाशी ले रहे थे. वे सीसीटीवी कैमरे से भी जेल के अंदर हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे.
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