भगोड़े घोषित मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह बोले, मैं चंडीगढ़ में हूं और जल्द ही मुंबई लौटूंगा

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को हाल ही में गिरफ्तारी से राहत दी थी. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के दो दिन बाद ही परम बीर सिंह ने बताया कि वह फिलहाल चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही मुंबई लौटेंगे.

Updated: November 25, 2021, 11:03 AM IST

मुंबई/चंडीगढ़ : सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर (Mumbai Police commissioner) परमबीर सिंह (Param Bir Singh) को हाल ही में गिरफ्तारी से राहत दी थी. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के दो दिन बाद ही परम बीर सिंह ने बताया कि वह फिलहाल चंडीगढ़ (Chandigarh) में हैं और जल्द ही मुंबई (Mumbai) लौटेंगे. पूर्व आईपीएस अधिकारी (IPS officer) परमबीर सिंह पर महाराष्ट्र में वसूली के चार मामलों (Extortion Case) का सामना दर्ज हैं. यहां कि एक अदालत ने परमबीर सिंह (Param Bir Singh) को भगोड़ा घोषित किया हुआ है. परमबीर सिंह ने न्यूज चैनलों को बताया कि वह चंडीगढ़ में हैं और जल्द ही अगले कदम के बारे में फैसला लेंगे. परमबीर सिंह (Param Bir Singh) बुधवार शाम को टेलीग्राम (Telegram) पर भी दिखाई दिए, लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने इस सोशल मैसेजिंग ऐप से अपना अकाउंट डिलीट कर दिया. उन्होंने टीवी चैनलों को बताया कि वह जल्द ही मुंबई लौटेंगे.

बता दें कि मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से इसी साल मार्च में उनके ट्रांस्फर और महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद परमबीर सिंह मई 2021 से काम पर नहीं लौटे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां परमबीर सिंह से उनके खिलाफ मुंबई और ठाणे में दर्ज वसूली के मामलों में उनके बयान दर्ज करने को लेकर जल्दबाजी में नहीं हैं. हाल में सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह को जांच में शामिल होने का आदेश दिया और अब मामले की अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा, हमने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कानूनी विशेषज्ञों के साथ इस संबंध में चर्चा की है. हम जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते. हम कोर्ट के आदेश के स्पष्टीकरण के लिए 6 दिसंबर तक का इंतजार करेंगे.

आईपीएस अधिकारी ने बताया कि परमबीर सिंह के खिलाफ अब तक वसूली के चार मामले दर्ज हो चुके हैं. कुछ मामलों में तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हुए हैं. उन्होंने बताया कि एक अदालत ने उन्हें भगोड़ा अपराधी घोषित किया है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई है. इस संबंध में हम सुप्रीम कोर्ट से 6 दिसंबर को स्पष्टीकरण चाहेंगे.

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