कुआलालम्पुर। मलेशिया में बाल विवाह का एक और मामला चर्चा का विषय बन गया है. ग्रामीण इलाके में बाल वधु का एक और मामला सामने आने के साथ मलेशिया की सरकार पर बाल विवाह को गैरकानूनी घोषित करने का दबाव नए सिरे से बनने लगा है. कुछ हफ्तों में यह इस तरह का दूसरा मामला है.

15 साल की लड़की की अधेड़ से शादी

न्यू स्ट्रेट टाइम्स अखबार की खबर के मुताबिक उत्तरपूर्वी केलांतन राज्य में 44 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति ने 15 साल की किशोरी को अपनी दूसरी पत्नी बनाया. इसमें कहा गया कि इस विवाह को जुलाई में इस्लामी शरिया अदालत ने मंजूरी दी. लड़की के गरीब माता-पिता इस विवाह के लिए राजी हुए थे.

11 साल की लड़की की भी हुई थी शादी

इससे पहले, इसी महीने में एक कारोबारी ने 11 वर्षीय लड़की को अपनी तीसरी पत्नी बनाया था. मलेशिया में विवाह करने की न्यूनतम कानूनी उम्र 16 साल है. इससे कम उम्र की मुस्लिम लड़कियां शरिया अदालत और अपने माता-पिता की मंजूरी से शादी कर सकती हैं. मुस्लिम पुरूष चार पत्नियां रख सकता है.

घर पर नर्स के जरिए 7 माह का गर्भ गिरा रही थी महिला, हुई दर्दनाक मौत

इन मामलों से अधिकार समूहों की नाराजगी बढ़ गई. यूनिसेफ ने एक वक्तव्य में हाल में हुए बाल विवाह को अस्वीकार्य बताया और मलेशिया से अनुरोध किया कि वह इस प्रथा पर पाबंदी के लिए कानूनी उपाय करे. मलेशिया के मानवाधिकार आयोग ने कहा कि उसे इस बात की चिंता है कि अब अभिभावक विवाह के नाम पर अपने बच्चों को बेचने के लिए कानून की आड़ ले सकते हैं.