बिजनौर: इंसानों के शौक नेवले जैसे जंतु के लिए भी मुसीबत बन गए हैं. पुलिस ने बिजनौर जिले के शेरकोट की ब्रश निर्माता फैक्ट्रियों से एक करोड़ रुपए के बाल बरामद किए. पांच गाड़ियों में भरे ये बाल ब्रश बनाने के लिए एकत्रित किए गए थे. नेवले को मारकर उनके बाल निकाले गए थे. नेवले को संरक्षण की श्रेणी में रखा गया है. नेवला पर्यावरण संतुलन में बेहद मददगार होता है. इसे किसानों का हितैषी भी कहा जाता है. नेवले का शिकार करते हुए पकड़े जाते समय सात साल की सजा का प्रावधान है.

बरामद हुए बाल पांच गाड़ियों में लाए गए
बताया जा रहा है कि शेरकोट की ब्रश निर्माता फैक्ट्रियों में छापे के दौरान, संरक्षित प्राणी नेवले के करीब एक करोड़ रुपए मूल्य के बाल बरामद कर छह लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. प्रभारी डीएफओ इम्तियाज ने सोमवार को बताया कि वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी एचवी गिरीश के नेतृत्व में वन विभाग और पुलिस ने शेरकोट के अब्दुल वली, इब्राहिम और फुरकान की ब्रश बनाने की फैक्ट्री में छापा मारा. बरामद बाल पांच वाहनों में भर कर वन विभाग के बिजनौर स्थित कार्यालय में लाए गए.

मौके से आधे बने ब्रश भी किए बरामद
इम्तियाज ने बताया कि छापे के दौरान मौके से आधे बने ब्रशों बरामद किए गए और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी एच वी गिरीश ने बताया कि तस्कर तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तराई, बुंदेलखंड और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में नेवले का शिकार कर उसके बाल ब्रश बनाने के कारखानों में बेच देते हैं.

इसीलिए लाखों नेवलों को रहे मार
जानकारों के अनुसार नेवले के बाल बेहद मुलायम और कई रंग के होते हैं. इससे चित्रकारी और दाढ़ी बनाने के ब्रश बनाए जाते हैं. बालों से बने ब्रश इसलिए लोगों को अधिक आकर्षित करते हैं. इसलिए नेवले के बाद देश ही नहीं दुनिया में मशहूर हैं. यही वजह है कि वन्य जीव अधिनियम में नेवले का शिकार प्रतिबंधित होने के बावजूद यहां इस छोटे से जानवर का शिकार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.