नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर आम तौर पर दिखने वाली सूचनाएं या विज्ञापन आपको भ्रमित कर सकते हैं. खासकर ऐसे विज्ञापन जिनसे पैसे कमाने का आइडिया दिया जाता हो. जी हां, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने और फर्जीवाड़ा करने जैसे कई मामले आए दिन हमारे सामने आते रहते हैं. लेकिन बेंगलुरू में आया एक मामला सनसनीखेज हैं. बेंगलुरू के एक व्यक्ति को वाट्सएप पर किडनी बेचने का विज्ञापन दिखा. व्यक्ति को पैसों की जरूरत थी, सो वह इस विज्ञापन पर भरोसा कर बैठा. एक स्थानीय अखबार के अनुसार वाट्सएप पर विज्ञापन दिया गया था कि आप 1.6 करोड़ रुपए में अपनी किडनी बेच सकते हैं. यह देखकर वह व्यक्ति किडनी बेचने को तैयार हो गया. वाट्सएप पर हॉस्पिटल और वहां के एक डॉक्टर का नाम भी दिया गया था.

दिए गए पते के आधार पर व्यक्ति ने संबंधित हॉस्पिटल स्टाफ के साथ बातचीत की और पहुंच गया किडनी बेचने. लेकिन ऐन मौके पर पता चला कि न तो डॉक्टर और न ही उस हॉस्पिटल में ऐसा कोई कारोबार होता है. थक-हारकर व्यक्ति ने तब पुलिस से मामले की शिकायत की. बेंगलुरू साइबर पुलिस ने आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है. साथ ही फर्जीवाड़ा और जालसाजी की शिकायत भी दर्ज की है. बेंगलुरू में 1.6 करोड़ रुपए में किडनी बेचने वाले इस शख्स की पहचान एमबी सोमशेखर के रूप में हुई है. वह स्टेनोग्राफर का काम करता है.

सोमशेखर के मुताबिक, उसे पैसों की सख्त जरूरत थी. इसलिए वाट्सएप पर विज्ञापन देखते ही वह अपनी किडनी बेचने को तैयार हो गया. उसने बताया कि वाट्सएप पर उसकी जिस व्यक्ति से बात हुई, उसने बेंगलुरू के कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल का नाम बताया था, जहां पर किडनी बेची जानी थी. उस हॉस्पिटल के किसी डॉ. अरुण के बारे में भी सोमशेखर को वाट्सएप पर ही बताया गया. पूरी तरह से बातचीत होने के बाद सोमशेखर किडनी ट्रांसप्लांट के लिए हॉस्पिटल पहुंचा. वहां उसकी मुलाकात हॉस्पिटल के को-ऑर्डिनेटर अपराजिता ढल से हुई, जिसे उसने किडनी बेचने की पूरी बात बताई. सोमशेखर ने यह भी बताया कि वाट्सएप वाले व्यक्ति ने एक वेबसाइट के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने और अपना आधार कार्ड लेकर आने की बात कही थी. लेकिन पुलिस की पूछताछ में सोमशेखर उस वेबसाइट का नाम नहीं बता पाया.

बहरहाल, हॉस्पिटल में जब सोमशेखर से वाट्सएप पर दी गई जानकारी के आधार पर डॉ. अरुण का फोन नंबर मांगा गया, तब जो उसने नंबर दिया वह संबंधित डॉक्टर का नहीं था. इसके बाद पूरा मामला खुला और सोमशेखर की शिकायत पुलिस के पास पहुंची. मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमशेखर से वाट्सएप पर की गई पूरी बातचीत का विवरण मांगा गया है. हालांकि वह न तो वेबसाइट और न ही अन्य विवरण की जानकारी दे पाया है. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है. पुलिस को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए कुछ आपराधिक किस्म के लोग भोले-भाले लोगों के साथ फर्जीवाड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. पुलिस जल्द ही ऐसे असामाजिक तत्वों का पर्दाफाश कर लेगी.