नई दिल्लीः छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर जिले (Surajpur) में दो दिनों में दो हथिनियों की मौत हो गई. जिले में लगातार हथिनियों की मौत ने वन विभाग पर सवालिया निशान लगा दिया है. घंटों बीत जाने के बाद भी मृत हथिनी (female elephant died in Surajpur) को वन विभाग के कर्मचारी शव प्राप्त करने में नाकाम रहे. दरअसल, हथिनी की मौत के शव के आसपास तीन हाथियों ने घेरा बना रखा है, जिसके चलते वन विभाग (Forest Department) हथिनी का शव प्राप्त करने में नाकाम रहा. दल के दूसरे हाथी हथिनी की मौत के बाद से ही उसे घेर कर कर घड़े हैं. Also Read - Coronavirus in Chhattisgarh: 91 और लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि, संक्रमितों की संख्या 4 हजार के करीब, देखें कहां कितने मामले

ऐसे में पशु चिकित्सक भी मृत हथिनी का पोस्टमार्टम नहीं कर पा रहे हैं और ना ही शव के आस-पास जा पा रहे हैं. पोस्टमार्टम ना हो पाने से चिकित्सक उसकी मौत के सही कारणों का पता नहीं लगा पा रहे हैं और अभी भी हथिनी की मौत पर रहस्य बना हुआ है. बता दें कि कल प्रतापपुर फॉरेस्ट सर्किल के गणेशपुर जंगल में इस हथिनी का शव मिला था, जबकि एक दिन पहले भी एक मादा हाथी की मौत इसी जंगल में हुई थी. Also Read - Coronavirus Chhattisgarh News Today: छत्तीसगढ़ में कोविड19 संक्रमण ने पकड़ी रफ्तार, 140 और लोगों में कोरोना वायरस पॉजिटिव होने की पुष्टि

लिहाजा दो दिनों में दो हथनियों की मौत ने विभाग के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है. दूसरी ओर हाथियों का अपने बिछड़े साथी के साथ लगाव दिख रहा है, उसे देखने के बाद किसी का भी दिल पसीज सकता है. बता दें इससे पहले केरल के मलप्पुरम में गर्भवति हथिनी को फल में विस्फोटक खिलाकर उसकी हत्या का मामला सामने आया था.

इस घटना में हथिनी के पेट में विस्फोटक के ब्लास्ट होने से उसकी सूंड और मुंह बुरी तरह जख्मी हो गया था. इस घटना के बाद आम लोगों से लेकर सेलिब्रिटीज तक ने इस पर गुस्सा जाहिर किया था और केरल सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, वहीं दो मुख्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है. पकड़े गए आरोपियों के मुताबिक, उन्होंने ये फल जंगली सुअर के लिए तैयार किए थे, लेकिन हथिनी ने इसे खा लिया, जिससे उसकी और उसके बच्चे की मौत हो गई.