बोस्टन: अमेरिका के नीलामी घर आरआर ऑक्शन के मुताबिक महात्मा गांधी द्वारा चरखे के महत्व पर जोर देते हुए लिखा गया एक बिना तारीख वाला पत्र 5,000 डॉलर में नीलाम हो सकता है. नीलामी घर ने एक बयान में बताया कि यशवंत प्रसाद नाम के किसी व्यक्ति को लिखा गया यह पत्र गुजराती में है और यह “बापू का आशीर्वाद” से हस्ताक्षरित है. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ने राजघाट पर पौधा रोपा, कहा- हम महात्मा गांधी के विज़न के साथ

गांधी ने पत्र में लिखा है, “हमने जो चरखे के बारे में सोचा था वह हो गया.” उन्होंने लिखा, “हालांकि तुमने जो कहा वह सही है. यह सब कुछ करघों पर निर्भर करता है.” Also Read - गांधी जी स्वयं को कट्टर सनातनी हिंदू मानते थे: RSS प्रमुख भागवत

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गांधी द्वारा चरखे का उल्लेख अत्याधिक महत्त्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने इसे आर्थिक स्वतंत्रता के प्रतीक के तौर पर अपनाया था. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीयों को सहयोग के लिए उन्हें हर दिन खादी कातने के लिए समय देने के लिए प्रेरित किया था.

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उन्होंने स्वदेशी आंदोलन के तहत सभी भारतीयों को अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कपड़ों की बजाए खादी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया था. चरखा और खादी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतीक बन गए थे. ऑनलाइन नीलामी 12 सितंबर को समाप्त हो जाएगी.