सिडनी. घर में पत्नी से मार-पीट करने वाले लोगों के लिए अब ऑस्ट्रेलिया की सैर करना सपना ही होगा. क्योंकि भारत से हजारों समुद्री मील की दूरी पर स्थित इस देश ने ऐसा कानून लागू कर दिया है, जिसके तहत घरेलू हिंसा के मुकदमे का सामना करने वाले लोगों को ऑस्ट्रेलिया अपने देश में सैर-सपाटे की इजाजत नहीं देगा. ऑस्ट्रेलिया में विदेशों से आने वाले आपराधिक प्रवृत्तियों के लोगों पर रोकथाम लगाने के लिए वहां की सरकार ने नया कानून लागू किया है.

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अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के इमीग्रेशन मंत्री डेविड कोलमैन ने बताया कि विदेशी अपराधियों की ऑस्ट्रेलिया में आवाजाही को रोकने के लिए यह कानून अस्तित्व में आया है. इसके तहत महिलाओं और बच्चों के साथ हिंसा करने वाले लोगों को अब ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी. मंत्री ने कहा कि बीते गुरुवार को यह कानून लागू किया गया. नए कानून के लागू होने से ऑस्ट्रेलिया आने वाले पर्यटक या अन्य लोगों के वीजा की जांच की जाएगी. अगर किसी भी विदेशी व्यक्ति के ऊपर घरेलू हिंसा का कोई मामला दर्ज है और अगर उसने 12 महीने से ज्यादा इस अपराध के तहत जेल में बिताए हैं, तो उसका वीजा कैंसिल कर दिया जाएगा.

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ऑस्ट्रेलियाई इमीग्रेशन मंत्री ने कहा कि घरेलू हिंसा को लेकर उनका देश किसी भी किस्म की रियायत नहीं बरतने वाला है. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति महिलाओं या बच्चों के खिलाफ अपराध में लिप्त पाया गया है, तो ऐसे व्यक्ति का हमारे देश में स्वागत नहीं किया जाएगा. आपको बता दें कि इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिकी कलाकार क्रिस ब्राउन और बॉक्सिंग स्टार फ्लॉयड मेवेदर को घरेलू हिंसा के मामलों को लेकर वीजा देने से इनकार कर दिया था.

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