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ऑनलाइन शॉपिंग हो या बैंक पेमेंट, क्रेडिट कार्ड आपको कभी भी कहीं से भी पैसे चुकाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का काम करते है। जिससे क्रेडिट कार्ड्स ने लाइफ को सिंपल बना दिया है। लेकिन इस सुविधा के साथ डर भी जुड़ा हुआ है। बदलते युग के साथ भारत में लगातार लोग ऑनलाइन खरीददारी करने लगे हैं। यही कारण हैं कि भारत में ऑनलाइन क्राइम बड़े पैमाने पर बड़ा है। Also Read - RBI's new debit, credit card rules: कल से बदल जाएंगे डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े ये नियम, यहां जानिए डिटेल

बदलते समय के साथ धोखाधड़ी करनेवाले गिरोह भी अपना तरीका बदलते रहते है। यही कारण हैं कि इन दिनों दिल्ली का एक गिरोह आम जनता को स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के नाम से कॉल कर धोखाधड़ी का नया पैतरा अपनाते हुए आम जनता को टोपियां पहनाकर धोखाधड़ी कर रहा है। ऐसा ही ताजा वाकया हुआ मुंबई के रहनेवाले सुमंत मिश्रा के साथ। हालांकि सुमंत मिश्र के रुपये तो मिल गए। लेकिन बाकियो का क्या? Also Read - 17 साल के लड़के को महंगी लाइफ स्‍टाइल का लगा चस्‍का, दादाजी के खाते से निकाल ल‍िए 15 लाख रुपए

कैसे होती है धोखाधड़ी।
धोखाधड़ी करनेवाले इन लोगो के काम करने का तरीका बेहद ही अलग है। यह हमें बताया सुमंत मिश्र ने जो की मुंबई से निकलनेवाले ‘दैनिक दक्षिण मुंबई’ अख़बार के संपादक है। जिन्हे पिछले हफ्ते नीरज शर्मा नामक लड़की ने फ़ोन किया। उसने कहा कि मैं एसबीआई बैंक से बोल रही है। आप एसबीआई के बहुत पुराने कस्टमर है इसलिए हमारी बैंक आपको एक कार्ड दे रही है। जिससे हर जगह खरीददारी करने पर आपको 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। लेकिन यह सुविधा मेडिकल बिल सहित तीन जगह नहीं लागू होगी।

चौंकानेवाली बात है यह है कि सुमंत से बातचीत दौरान यह लड़की बार-बार कहती रही कि सारी चीजे नियम के अनुसार होंगी। जैसा की हर बैंक कर्मचारी अपने ग्राहकों को कहते है। सुमंत ने लड़की से कहा कि आपके पास क्या सबूत है कि आप एसबीआई से बोल रही हो। यह सुनकर इस शातिर लड़की ने सुमंत को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर दिया और कहा कि कुछ भी समस्या होगी तो आप मुझे फ़ोन करके पूछ सकते हैं। बता दे कि सुमंत मिश्र को यह फ़ोन दिल्ली से आया था।

दिया जाता है भारी रकम का लालच।
इस गिरोह के सदस्य इतने शातिर हैं कि पहले मोटी रकम का लालच देते हैं फिर क्रेडिट कार्ड नंबर ले लेते हैं। सुमंत मिश्र की माने तो कार्ड का नंबर लेने के बाद फर्जी बैंक कर्मी नीरज शर्मा ने कहा कि आपको 7,830 रुपये भी मिलेंगे। साथ ही इस लड़की ने कहा कि आपको हमारी कंपनी से दोबारा वेरिफिकेशन डेस्क और कूरियरवाले का कॉल भी आएगा। इस बातचीत के बाद सुमंत को इस शातिर लड़की द्वारा बताये गये विभाग से कॉल भी आया।

बातचीत के तुरंत बाद सुमंत मिश्र की अकाउंट से 7,830 रुपये निकाल लिए गए। जिसके बाद इन्हे एसबीआई से फोन आया कि आपने किसी से अपना क्रेडिट कार्ड शेयर किया हैं क्या यह सुनकर सुमंत पूरी तरह चौक गए और उन्हें पूरा माजरा समझ आ गया कि मेरे साथ धोखधड़ी हो गयी हैं। उन्होंने तुरंत एसबीआई अधिकारी को कार्ड ब्लॉक करने को कहा।

आखिर कैसे मिली रकम।
सुमंत ने नीरज शर्मा के मोबाइल पर फ़ोन किया और कहा कि तुमने एसबीआई अधिकारी बनकर और झूठ बोलकर इस तरह धोखेबाजी की है। मैं तुम्हारे खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूँगा। जिसके बाद दोबारा यह लड़की झूठ बोलने लगी और कहा कि मैं डब्लू कार्ड से बोल रही हूँ एसबीआई से नहीं। जिसके बाद सुमंत ने तुरंत दिल्ली में बैठे अपने एक दोस्त को फ़ोन कर पूरा वाकया बताया।

बता दे कि यह दोस्त दिल्ली में सीबीआई विभाग में एक बड़े पद पर कार्यरत है। पूरा मामला समझने के बाद इस दोस्त ने इस दफ्तर में फ़ोन किया। इस कॉल के बाद मानो इस कंपनी के कर्मचारियों को सांप सूंघ गया और वे घबरा गए। इस कंपनी ने तुरंत सुमंत के अकाउंट में 7,830 रुपये क्रेडिट करा दिया। साथ ही सुमंत से फोनकर माफ़ी भी मांग रहे है।

लाखो से करोड़ों रूपये की होती हैं धोखाधड़ी।
ज्ञात हो कि इस तरह के कई मामले सामने आते रहते है। जिससे पड़े पैमाने पर रुपयो का गमन होता है। ऐसे में इस तरह से की जानेवाली धोखाधड़ी की रकम लाखो से करोडो रुपये हो सकती है। क्योंकि कई ऐसे मामले सामने आते है जिसमे लोगो को उनका पैसा नहीं मिलता हैं। इस तरह के गिरोह पुरे देश में पैर पसारते जा रहे हैं। इस खबर से जरुरत है आपको सबक लेने की ताकि आपके साथ भी इस तरह का वाकया ना हो। अपने क्रेडिट कार्ड का नंबर किसी से शेयर ना करे। जिससे आपको चुना लग जाए।

वही इस पुरे मामले पर तीन से चार पर फ़ोन करने पर नीरज शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए खुद को पाक साफ़ बताया और कहा कि हमने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया है। हम कस्टमर से जितना पैसा लेते हैं उतनी सर्विस देते है। हमने उनके पैसे लौटा दिए है। साथ ही मैं सबूत के तौर पर आपको मोबाइल रिकॉर्डिंग भेजती हूं। जो की खबर लिखे जाने तक नहीं मिल पाया था।