टोरंटो। भले ही शायरों ने इश्क को ‘आग का दरिया’ कहा हो, किंतु हिंसा के मामले में इस आग की तपिश लड़कियों के मुकाबले किशोरों को अधिक सहन करनी पड़ती है. डेटिंग के दौरान पिटने, थप्पड़ खाने और धक्का-मुक्की तक का शिकार होने की शिकायत किशोर अक्सर करते हैं. एक स्टडी में यह बात सामने आई है. हालांकि डेटिंग के दौरान हिंसा के मामलों में कुल मिलाकर कमी आ रही है. अपने डेटिंग पार्टनर की हिंसा के शिकार किशोरों की संख्या में कमी आई है. 2013 में डेटिंग के दौरान हिंसा के शिकार किशोरों की संख्या पांच फीसदी थी जो 2003 के छह फीसदी के मुकाबले एक फीसदी कम है. Also Read - अपने पापा आमिर खान की को-स्टार को डेट करने की सोच रही हैं इरा खान, अजीबो-गरीब हरकतों से रहती हैं सुर्खियों में

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जर्नल ऑफ इंटरपर्सनल वायलेंस में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि 5.8 फीसदी लड़कों और 4.2 फीसदी लड़कियों ने कहा कि बीते साल उन्हें डेटिंग के दौरान हिंसा का शिकार होना पड़ा.
कनाडा के सिमोन फ्रेजर विश्वविद्यालय की पीएचडी छात्रा कैथरीन शाफर ने कहा कि यह समझने के लिये और शोध किये जाने की जरूरत है कि लड़के डेटिंग के दौरान हिंसा की ज्यादा शिकायत क्यों करते हैं. Also Read - एक्ट्रेस ने लगाया आरोप, पति को थी सेक्स की लत, अलग हो गई तो नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी

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शाफर ने कहा, यह हो सकता है कि प्रेम संबंधों में लड़कियों के लिये यह अब भी सामाजिक रूप से स्वीकार्य है कि वे लड़कों को पीटें या उन्हें थप्पड़ मार दें. दूसरे देशों में किशोरों पर किये गए अध्ययनों में भी यह पाया गया है. उन्होंने कहा कि डेटिंग के दौरान हिंसा के गिरावट, भले ही मामूली हो किंतु उत्साहजनक है.