बीजिंग‘इतने घने बादल के पीछे, कितना तन्हा होगा चांद’. मशहूर शायरा परवीन शाकिर ने जब ये गज़ल लिखी होगी तो उन्हें ज़रा भी एहसास नहीं रहा होगा कि बहुत जल्द चांद तन्हा नहीं रह जाएगा. उसका साथ देने के लिए जमीन से लोग पहुंच जाएंगें. जी हां, चीन और यूरोप मिलकर चांद पर गांव बसाने की योजना बना रहे हैं. चीन ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि की है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरिक्ष टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.

मंगल अभियान जैसे भविष्य के गहन अंतरिक्ष अभियानों में चांद के गांव का उपयोग लॉन्च पैड के रूप में किया जा सकता है. इसका उपयोग अंतरिक्ष पर्यटन और चांद पर खनन के लिए भी किया जा सकता है. चीन का राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी एक साथ मिलकर 2020 के दशक में चांद पर एक अंतरराष्ट्रीय अड्डा बनाना चाहते हैं. दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने इस सिलसिले में आपस में विचार विमर्श किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन की अंतरिक्ष एजेंसी के महासचिव तियान युलोंग ने बताया कि हम चांद पर एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि 60 के दशक में मची होड़ ने अंतरिक्ष को पूरी तरह से बदल दिया है. हम अंतरिक्ष का शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए दोहन करने के पक्ष में हैं. हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग स्थापित करेंगे. गौरतलब चीन अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अमेरिका से कड़ी टक्कर ले रहा है.