हैदराबाद: हैदराबाद के रहने वाले के. सुधाकर को अकल्पनीय आकार और रूपों वाली अजीब कारों को बनाने के लिए जाना जाता है. उन्होंने अब खतरनाक वायरस के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कोरोनो वायरस (Corona Virus) मॉडल की कार बनाई है. सुधा कार नाम का एक विचित्र संग्रहालय चलाने वाले सुधाकर ने इस नई कार का अनावरण किया. सुधाकर ने बताया, “कोरोना वायरस के बारे में जागरूकता लाने और लोगों को अपने घर में रहने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए, मैंने कोरोनावायरस कार बनाई है. मैं लोगों को एक स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं कि वे अपने घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित रहें.” Also Read - लॉकडाउन के चलते इस एक्ट्रेस ने खो दी अपनी ये खास चीज़, सोशल मीडिया पर जताया दुख

सिंगल सीट की इस 100 सीसी इंजन वाली कार (Corona Car) में छह पहिए और एक फाइबर बॉडी है. सुधाकर ने कहा, “इस कार को बनाने में 10 दिन का समय लगा है जो अधिकतम 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को छू सकती है.” वह कोविड-19 के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करने के लिए हैदराबाद पुलिस (Hyderabad Police) को यह कार दान करने की योजना बना रहे हैं. Also Read - दिल्ली का एम्स ही बना कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट, 479 पॉजिटिव मामले मिले

दुनिया का सबसे बड़ा ट्राइसाइकिल डिजाइन करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड रखने वाले सुधाकर के लिए सामाजिक संदेश देने वाली कारों का निर्माण करना कोई नई बात नहीं है. सुधाकर ने कहा, “हमने हमेशा समाज को अपने तरीके से कुछ लौटाने के लिए विभिन्न तरीकों और कारणों से कारें बनाई हैं.” Also Read - कोरोना मरीजों को भर्ती करने के लिए होटलों के इस्तेमाल पर पुनर्विचार करे दिल्ली सरकार: भारतीय उद्योग परिसंघ

पहले उन्होंने एक पिंजरे वाली कार बनाई थी ताकि लोगों को संदेश दे सकें कि वे पक्षियों को पिंजरे में न रखें. इसी तरह एड्स के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए कंडोम बाइक और स्टॉप स्मोकिंग मैसेज के लिए एक सिगरेट बाइक बनाई थी. वे हेलमेट कार बनाकर रोड सेफ्टी का संदेश भी दे चुके हैं. खराब और अनुपयोगी ऑटोमोबाइल भागों का उपयोग करते हुए, सुधाकर ऑफबीट कार बनाते हैं, जिन्हें धीमी गति से चलाया जा सकता है. नेहरू प्राणी उद्यान के पास उनका अपना संग्रहालय है, जिसमें ये गाड़ियां प्रदर्शन में रखी गई हैं. उन्होंने बर्गर, स्टिलेटो, बैग, कैमरा, फुटबॉल और कंप्यूटर के आकार में भी कारें बनाई हैं.