कोरोनावायरस का असर हर खास व आम व्यक्ति पर पड़ा है. इसकी वजह से लोगों के सामने अस्तित्व का खतरा मंडराने लगा. यही वजह है कि उन्हें अपने व परिवार के भरण-पोषण के लिए क्या कुछ नहीं करना पड़ा. कोरोना के असर पर हुए शोध में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. Also Read - India Vs Australia 2nd ODI (Live Blog): सीरीज में वापसी के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

होम क्रेडिट इंडिया के एक शोध में इस तथ्य का खुलासा हुआ है कि कोरोनाकाल में 46 फीसदी भारतीयों ने अपनी गृहस्थी चलाने के लिए उधार का सहारा लिया. परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर चार में से एक ने अपने दोस्त/परिवार से उधार लिया. Also Read - 5 स्टार होटल के थे शेफ, नौकरी गई तो सड़क किनारे बेचने लगे बिरयानी, तस्वीरें Viral

जहां अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए 46 फीसदियों ने उधार लिया, वहीं 27 फीसदी लोगों ने ईएमआई का भुगतान करने के लिए उधारी का सहारा लिया. इनमें से 14 फीसदी लोगों को इसलिए उधार लेना पड़ा क्योंकि उन्होंने कोविड-19 के दौरान लगाए गए लॉकडाउन में अपनी नौकरी खो दी. Also Read - India Corona Update: 24 घंटे में कोरोना के 41 हजार से ज्यादा मामले, 485 लोगों की मौत, अब साढ़े चार लाख से ज्यादा एक्टिव मामले

मुंबई और भोपाल में सबसे ज्यादा लोग (27 फीसदी) उधार लिया, इसके बाद क्रमश: दिल्ली (26 फीसदी) और पटना (25 फीसदी) की बारी आती है.

साल 2019 में भी 46 फीसदी लोगों ने उधार लिया था. इनमें से 33 फीसदियों ने अपनी जीवनशैली के स्तर को उठाने के लिए जबकि बाकियों ने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उधार लिया था.

इस नतीजे से पता चलता है कि कोरोनावायरस महामारी का देश की अर्थव्यवस्था और समाज में लोगों पर काफी प्रभाव पड़ा है. किसी की नौकरी चले जाने और वेतन में हो रही भारी कटौती ने निम्न-मध्यम आय वर्ग को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
(एजेंसी से इनपुट)