नई दिल्ली: गुजरात की केवडिया में स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of Unity) जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा मानी जाती है के बिक्री की खबर से हर तरफ सनसनी मच गई थी. बीते दिनों OLX पर एक ऑनलाइन विज्ञापन जारी किया गया जिसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कीमत 30,000 करोड़ रुपये लगाई गई और डिस्क्रिप्शन में लिखा गया कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप से निपटने के लिए मेडिकल बुनियादी ढांचे और अस्पतालों पर होने वाले सरकारी खर्च को पूरा करने के लिए इसे बेचा जा रहा है. Also Read - वैज्ञानिकों ने किया हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का विश्लेषण, कोरोना मरीजों के इलाज में नहीं दिखा इस दवा का खास फायदा

हालांकि ऑनलाइन मार्केटप्लेस ओएलएक्स ने इस विज्ञापन को मंजूरी नहीं दी और पोस्ट किए जाने के तुरंत बाद हटा भी दिया. तमाम छान बीन के बाद एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के असिस्टेंट कमिश्नर नीलेश दुबे ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा, “एक अज्ञात व्यक्ति ने सरकार को बदनाम करने के इरादे से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को OLX पर बिक्री के लिए रखा था और इसके लिए वो अधिकृत भी नहीं है”. Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों का दावा, भारत में इस महीने खत्म हो जाएगी कोरोना महामारी

उस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (किसी भी तरह की अफवाह फैलाना), 417 (धोखाधड़ी के लिए सजा), 469 (जालसाजी) और सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारी पीटी चौधरी ने भी कहा कि उस व्यक्ति पर तमाम धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.  बता दें कि यह प्रतिमा सरदार पटेल की है जो 182 मीटर ऊंची है. साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रतिमा का उद्घाटन किया था. Also Read - आईआईटी हैदराबाद ने डेवलप किया सस्ती कोरोना वायरस टेस्ट किट, महज 20 मिनट में देगा रिजल्ट