नई दिल्ली: कहते हैं कि धरती पर भगवान के बाद दूसरा सबसे बड़ा दर्जा डॉक्टर को प्राप्त है. और कोरोना संकट के इस समय में ये डॉक्टर सच में किसी भगवान से कम नहीं हैं जो लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा रहे हैं. पिछले साल चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस (Covid-19) ने दुनिया में 2 लाख से ज्यादा लोगों की जान ले ली है. अब तक इस वायरस का कोई गारंटी इलाज दुनिया ढूंढ़ नहीं पाई है लेकिन इस संकट के समय में डॉक्टर हिम्मत नहीं हारे हैं और बिना हार माने डटे हुए हैं. Also Read - कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद करेगी गुजरात कोविड म्यूटेशन अध्ययन, जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय 

वे बिना रुके 24-24 घंटे तक काम कर रहे हैं. कोरोनावायरस से लड़ने के लिए बेहद जरूरी पीपीई किट पहने हुए डॉक्टर मरीजों के इलाज में लगे हैं. पीपीई किट (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विमेंट) पहनने के बाद डॉक्टरों को 8 घंटे तक बिना कुछ खाए पिए और बिना टॉयलेट जाए रहना पड़ता है. जी हां, दरअसल सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर की एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें देखा जा सकता है कि 8 घंटे की ड्यूटी के बाद पीपीई किट उतारने के बाद एक डॉक्टर कैसा दिखता है. Also Read - थूक के इस्‍तेमाल पर रोक से बिगड़ेगा गेंद-बल्‍ले का संतुलन, अनिल कुंबले का सुझाव, पिच में हो बदलाव

डॉक्टरों के लिए पीपीई किट पहनकर काम करना आसान नहीं है, लेकिन सुरक्षा का एकमात्र उपाय होने के चलते डॉक्टर इसे पहन रहे हैं. इसी की एक तस्वीर वायरल हो रही है. इसमें एक डॉक्टर 8 घंटे की ड्यूटी के बाद अपनी पीपीई किट उतारता है. किट उतारने के बाद वह पसीने से लथपथ है. तस्वीर को शेयर करते हुए तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने लिखा कि यह हमारे असली रक्षक हैं. तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग ने आठ घंटे की ड्यूटी के बाद अपनी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) को उतारने वाले एक हेल्थकेयर पेशेवर की तस्वीर जारी की है. Also Read - Pakistan Coronavirus Update: 24 घंटे में सबसे ज्यादा मामले आए सामने, संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार

पीपीई में गाउन, ग्लव्स, मेडिकल मास्क और आई प्रोटेक्शन (गॉगल्स या फेस शील्ड) शामिल होते हैं. यह COVID-19 रोगियों को सीधे देखभाल प्रदान करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए होती है. इन PPE को केवल एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है, और जब से दुनिया में PPEs की तेजी से कमी देखी गई है, तब से ज्यादातर हेल्थकेयर प्रोफेशनल पूरे दिन एक ही PPE को पहने बिना रुके हुए काम कर रहे हैं, वो भी बिना वॉशरूम ब्रेक के. यहां तक की कई डॉक्टर्स ने एडल्ट डायपर भी पहने हैं ताकि इमरजेंसी में टॉयलेट जाने से बचा जा सके. कुछ पीने के पानी से परहेज कर रहे हैं. पीपीई किट का मटेरियल काफी मोटा होता है और ऐसे में पसीना आना आम बात है, लेकिन अधिकांश स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में, वायरस को फैलने से रोकने के लिए एसी और पंखे बंद कर दिए जाते हैं.

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉक्टर अरुण गुप्ता ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “जब 8 घंटे की ड्यूटी के बाद एक डॉक्टर PPE किट को उतारता तो ऐसा दिखता है. मुझे डॉक्टर होने पर गर्व है.”

एक अन्य यूजर ने लिखा कि 8 घंटे की ड्यूटी के बाद पीपीई किट उतारने के बाद डॉक्टर ऐसा दिखा है, इस दौरान न वह कुछ खा पाता है और न ही टॉयलेट जा पाता है. यहां तक कि ठीक से सांस तक नहीं ले पाता है. बता दें कि डॉक्टर व नर्सिगकर्मियों के पीपीई किट पहनकर काम करना आसान नहीं होता है. इसके साथ ही मास्क व चश्मे का दबाव नाक व चेहरे पर निशान बना देता है. किसी की त्वचा कमजोर होती है तो घाव भी पड़ जाते हैं.