नई दिल्ली: अफगानिस्तान का नाम लेते ही हमारे दिमाग में पहला ख्याल वहां की हालात को लेकर आता है. तालिबान, आतंकवाद और महिलाओं को लेकर पनप रही कट्टर सोच का ख्याल सबसे पहले हमारे दिमाग में आता है. लेकिन ऐसा नहीं है कि वहां महिलाएं या लड़कियां आगे नहीं बढ़ रही हैं. वहां भी अब लड़कियों को लेकर लोगों की सोच बदल रही हैं. इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं मिया खान. मिया खान (Mia Khan) की कुल तीन बेटियां हैं और वो हर रोज अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए 12 किलोमीटर तक हर रोज जाते हैं और बेटियों को स्कूल भेजते हैं.

यही नहीं स्कूल खत्म होने के बाद वो अपनी बेटियों को हर रोज वापस लेने भी जाते हैं. एक एनजीओं ने मिया खान की इस कहानी को सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा अपनी बेटियों को हर रोज बाइक से मिया खान छोड़ने जाते हैं. आगे लिखा तीनों बेटियां नूरिनियां स्कूल में पढ़ती हैं. इस पोस्ट को शेयर करने के कुछ देर बाद ही मिया खान इंटरनेट पर वायरल हो गए. लोग इनकी तारीफ करने लगें और इनके प्रयासों की सराहना करने लगें.

मिया खान ने एक बातचीत के दौरान कहा कि मैं अनपढ़ हूं और मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता हूं. उन्होंने आगे जो कहा वो दिल छू लेने वाला था. खान ने कहा कि हमारे इलाके में कोई महिला डॉक्टर नहीं है. इसलिए मेरी बेटियों के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है और मैं यही चाहता हूं कि वो खूब पढ़ें और आगे बढ़ें.

मिया खान की बेटी ने एनजीओ को बताया कि मैं कक्षा 6 की छात्रा हूं. मेरे पिता हर रोज हमें स्कूल छोड़ते हैं और छुट्टी के बाद हमें लेने भी आते हैं. मैं पढ़ने में सक्षम हूं मुझे इस बात की खुशी है. एनजीओ द्वारा इस पोस्ट को शेयर किए जाने के बाद से लोग मिया खान की खूब तारीफ कर रहे है. कई लोगों का यह तक कहना है कि अफगानिस्तान में आए दिन आतंकवाद, तालिबान और महिलाओं को लेकर हिंसा होती रहती है. ऐसे में मियां खान जैसे पिता एक हीरो की तरह हैं जो समाज को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं.