नई दिल्ली: दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 38 लोगों की जानें जा चुकी हैं. नफ़रत और मारकाट के वीभत्स किस्सों के बीच कई ऐसी मिसालें भी हैं, जिन्होंने इंसानियत के होने का भी अहसास कराया है. किसी ने हिंदू परिवारों को उपद्रवियों से बचाया तो किसी ने मुस्लिमों की जान की हिफ़ाज़त की. Also Read - Delhi Violence: PFI का दिल्ली प्रमुख परवेज व सचिव इलियास गिरफ्तार, कोर्ट ने 7 दिन की हिरासत में भेजा

दिल्ली का चाँद बाग़ इलाका जल रहा था. यहां श्री दुर्गा फकीरी मंदिर स्थित है. इस इलाके में हिंदू-मुस्लिम दोनों ही रहते हैं. ये अलर्ट थे. भीड़ ने इस मंदिर पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन इलाके में रहने वाले मुस्लिम चैन बनाकर सामने खड़े हो गए. और दंगाइयों को आगे नहीं बढ़ने दिया. दंगाइयों ने पथराव भी किया, जिसमें कई घायल हो गए, लेकिन दंगाईयों को आगे नहीं बढ़ने दिया. यहां के रहने वाले आसिफ़ कहते हैं कि ये सिर्फ मंदिर नहीं है. ये हमारी प्रतिष्ठा वाली जगह है. हम सबने मिलकर इसे बचाया. मंदिर के पुजारी ओम प्रकाश कहते हैं कि हमने मिलकर दंगाईयों को नाकामयाब कर दिया. हमने कोशिश की कि कोई भी बाहरी यहां न आ पाए. Also Read - दिल्ली हिंसा में किसी के साथ नहीं होगा पक्षपात, आरोपी को पाताल से भी ढूंढ कर लाएंगे: अमित शाह

ये सिर्फ एक उदहारण नहीं, बल्कि कई ऐसे उदाहरण हैं. इस इलाके में कई जगहों पर ऐसा हुआ जब मुस्लिम परिवारों की हिफाज़त हिन्दुओं ने की. उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुँचाया. कई जगहों पर मुस्लिम परिवारों के लिए खाने और पानी का इंतज़ाम किया. हिंसा की आग थम गई है, लेकिन तनाव अभी बाकी है. अब तक 38 लोगों की मौत हुई है. कई घायल हैं. लोगों में गुस्सा है. वहीं, ऐसे लोगों की कमी नहीं जो सौहार्द की बात कर रहे हैं.