कुल्लू-मनाली दिल्ली-एनसीआर के लोगों का फेवरिट डेस्टिनेशन है लेकिन इस छोटे से शहर से कई कहानियां जुड़ी हैं. इन्हीं कहानियों में से एक बॉलीवुड की पहली ड्रीम गर्ल देविका रानी से जुड़ी है. भारतीय सिनेमा की पहली अभिनेत्री देविका रानी ने साल 1933 में हिमांशु राय के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘कर्मा’ से फिल्मों में एंट्री की थी. ‘कर्मा’ किसी भारतीय द्वारा बनाई गई पहली अंग्रेजी टॉकी थी. इस फिल्म में देविका ने किसिंग सीन दिया गया था. रोचक बात ये है कि हिमांशु राय और देविका रानी द्वारा दिया गया ये किसिंग सीन पूरे 4 मिनट का था जो 84 साल बाद भी हिंदी सिनेमा में एक रिकॉर्ड है.

देविका ने हिमांशु से शादी भी की लेकिन हिमांशु की मौत के बाद देविका ने स्वेतोस्लेव रोरिक से शादी की. मनाली में इन दोनों ने जीवन का कुछ वक्त इसी घर में बिताया. दरअसर कुल्लू की प्राचीन राजधानी नग्गर है. नग्गर किले के ऊपर ही रोरिक आर्ट गैलरी है. ये गैलरी मंगलवार से रविवार तक खुलती है. सोमवार को ये बंद रहती है. आप सुबह 10 से शाम 5 बजे तक इसे देख सकते हैं. इसका संग्रह देखने में आपको घंटो लग जाएंगे. यहां रोरिक का साहित्य भी उपलब्ध है.

रोरिक नेहरू जी और राजकपूर के दोस्त थे. रोरिक की पत्नी एलीना लेवानोवना भी लेखिका थीं. उन्हीं के दूसरे बेटे थे स्वेतोस्लेव रोरिक. स्वेतोस्लेव के बनाए जवाहर लाल नेहरू व इंदिरा गांधी के पोट्रेट संसद भवन दिल्ली में लगे हैं. वे बेंगलुरू में रहते थे. उन्होंने देविका रानी से विवाह किया. उन दोनों की बेंगलुरू में सैकड़ों एकड़ जायदाद और अन्य संपत्तियां थीं. स्वेतोस्लेव और देविका रानी निसंतान थे. 9 मार्च 1994 को देविका की मौत की बाद उनकी अकूत धन संपदा को लेकर काफी विवाद हुआ.