Dharashiv Caves: महाराष्ट्र के पुरातत्व विभाग ने उस्मानबाद जिले में स्थित ‘धाराशिव’ की सात गुफाओं में से एक का पुनरुद्धार कार्य शुरू कर दिया है. छठी शताब्दी की यह धरोहर भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गई थी.

उस्मानाबाद शहर से लगभग आठ किलोमीटर दूर बालाघाट पहाड़ों में स्थित गुफाओं की शानदार नक्काशी पर्यटकों को क्षेत्र की ओर आकर्षित करती है.

राज्य पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक अजीत खंडारे ने बताया कि इलाके में बारिश के कारण एक गुफा क्षतिग्रस्त हो गई थी. अतिरिक्त नुकसान को रोकने के लिए 12 स्तंभों का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है , ताकि गुफा को सहारा मिल सके.

खंडारे ने कहा, ‘‘गुफा के ऊपर की चट्टान को इन खंभों से सहारा मिलेगा और इससे यह संरचना लंबे समय तक बनी रहेगी. पुनरुद्धार का काम अगले दो महीने तक चलेगा.’’

गुफाओं का महत्व
नांदेड़ के इतिहासकार प्रभाकर देव ने बताया कि छठी शताब्दी में बनी ये गुफाएं टेर के पास स्थित हैं, जो सातवाहन काल (230 ईसा पूर्व से 200 एडी) के दौरान एक व्यापार केंद्र था.

उन्होंने बताया कि पुरातत्वविद् जेम्स बर्गेस की एक किताब में भी गुफाओं का उल्लेख है और कई इतिहासकारों ने भी इन गुफाओं के बारे में लिखा है.
(एजेंसी से इनपुट)