नई दिल्लीः बीते कुछ दिनों में, देश में जानवरों के साथ दुर्व्यवहार और उनकी हत्या की कई भयावह घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं ने ना सिर्फ सार्वजनिक आक्रोश को भड़काया है बल्कि मानवता को भी शर्मसार किया है. केरल (Kerala) में गर्भवती हथिनी को अनानास में विस्फोटक भरकर खिलाने के बाद सोशल मीडिया पर कुत्ते को तालाब में फेंकने का वीडियो वायरल हुआ. जिसके चलते लोगों ने जमकर गुस्सा देखने को मिला और अब, कुत्तों की स्मगलिंग (Dog Smuggling) का मामला सामने आया है. जिससे ट्विटर पर हंगामा मचा हुआ है. ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक पोस्ट के मुताबिक कुत्तों को कथित तौर पर पश्चिम बंगाल (West Bengal) और असम की राज्य सीमाओं से नागालैंड (Nagaland) में अवैध रूप से ले जाया जा रहा है. Also Read - पश्चिम बंगाल में नक्सली हमला, सहारनपुर जिले के बीएसएफ जवान की मौत

दरअसल, नागालैंड में कुत्तों का मांस (Dog Meat) बड़े चाव से खाया जाता है. कानूनी रूप से, कुत्ते की हत्या और उसका मांस खाना अवैध है, लेकिन अभी भी नागालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कुत्ते का मांस खाया जाता है. इन राज्यों में कुत्ते के मांस को उच्च पोषण और औषधीय माना जाता है. BJP लीडर और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी नागालैंड में कुत्तों के साथ हो रही बर्बरता को लेकर उल्लेख किया कि कैसे इन कुत्तों को ट्रकों में ले जाया जाता है, उनके मुंह को रस्सी से बांध दिया जाता है ताकि वे भौंक न सकें. जिसके चलते कई तो घुटन से मर जाते हैं. Also Read - पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन की तारीखों में दूसरी बार हुआ बदलाव, जानिए क्या है राज्य सरकार का नया प्लान

इस बीच कुछ कुत्तों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें कुत्तों का मुंह रस्सी से बंधा हुआ और उनका शरीर बोरे में बंद दिखाई दे रहा है. इस फोटो को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा है- ‘इन कुत्तों को पिछले महीने की 26 तारीख को पश्चिम बंगाल से नागालैंड ले जाया जा रहा था ताकि इन्हें मांस के लिए बेचा जा सके. कृप्या इस तरह की एक्टिविटीज को रोकने के लिए csngl@nic.in पर एक ईमेल लिखें. अगर उन्हें आज रात 50,000+ ईमेल मिलते हैं, तो वे इसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे.’

इस तस्वीर के वायरल होने पर अब ट्विटर पर कुत्तों के साथ हो रहे क्रूर व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और लोग नागालैंड में जारी इस बर्बर प्रथा को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं. पोस्ट के वायरल होने के बाद कई कार्यकर्ता और सोशल मीडिया यूजर्स अब दूसरों से विनती कर रहे हैं कि वे नागालैंड टेम्जेन टॉय के मुख्य सचिव को csngl@nic.in पर एक ईमेल भेजें और नागालैंड सरकार से आग्रह करें कि वह डॉग मार्केट, डॉग रेस्तरां और कुत्तों की तस्करी को रोकें.