दशहरा के दिन राम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई को जीत दिलाई थी। आज दशहरा के पावन दिन पर आपको हम बताएंगे की आज के दिन कैसे की जाये पूजा और क्या करे आज के दिन खास। दशहरा इस वर्ष 22 अक्टूबर को मनायाजा रहा है। इस विजयदशमी विजय मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 54 मिनट से लेकर 02 बजकर 40 मिनट तक का है। इस दौरान पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि विजय मुहूर्त के दौरान शुरु किए गए कार्य का फल सदैव शुभ होता है। वही आज के दिन गरीबों में दान करे घर में सुख का वास होगा।  यह भी पढ़ें: आखिर क्यों अपनी ही बेटी सीता का रावण ने किया था हरण

दशहरा के दिन अलग अलग जगह पर अलग तरह की पूजा की जाती है।कई जगहों पर आज के दिन अस्त्र पूजन की जाती है। अस्त्रों की पूजा इस लिए की जाती है क्यों की आज के ही दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था। आज राम, सीता के साथ लक्ष्मण जी, भरत जी और शत्रुघ्न जी का पूजन करना अच्छा माना जाता है। यह भी पढ़ें: जानिए भारत के इन 8 प्रमुख राज्यों में कैसे मनाया जाता है दशहरा

आज के दिन का पूजा का नियम है कि आप अपने घर में कवारी गाय का गोबर लए और उसके चार पिण्ड बनाये मतलब गोल आकर में बर्तन जैसा बनाए। फिर हर एक को राम जी, लक्ष्मण जी , भरत जी और शत्रुघ्न के नाम से पूजे। फिर आप गोबर से बने हुए चार बर्तनों में भीगा हुआ धान और चांदी रखकर उसे वस्त्र से ढक दें। फिर उनकी गंध, पुष्प और द्रव्य आदि से पूजा करें। पूजा के पश्चात ब्राह्मणों को भोजन कराकर स्वयं भोजन करले। ऐसा करने से मनुष्य के घर में वर्ष भर सुखी का वास रहता है।