Earth’s Eighth Continent: वैज्ञानिक समय-समय पर अपने रिसर्च और अलग-अलग खुलासों से दुनिया को हैरान करते आए हैं. एक बार फिर अब वैज्ञानिकों ने अपनी नई रिसर्च से दुनिया को अचंभे में डाल दिया है. सभी बचपन से पढ़ते आए हैं कि धरती पर सात महाद्वीप हैं, लेकिन अब एक नई खोज में पता चला है कि धरती पर सात नहीं बल्कि 8 महाद्वीप हैं. वैज्ञानिकों ने धरती पर आठवें महाद्वीप के अस्तित्व को लेकर बड़ा खुलासा किया है. इस संबंध में वैज्ञानिकों ने एक नक्शा भी तैयार किया है, जिसमें धरती के आठवें महाद्वीप को दर्शाया गया है. इसके मुताबिक, धरती पर सात नहीं बल्कि आठ महाद्वीप थे, जिनमें से एक समुद्र में डूब चुका है.

इस नक्शे के मुताबिक, धरती का आठवां महाद्वीप ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण पूर्व की ओर न्यूजीलैंड के ऊपर था. जो समुद्र में समा गया, इसका नाम जीलैंडिया है. लेकिन अब वैज्ञानिकों ने इसका नया नक्शा तैयार किया है. इस नक्शे से पता चलता है कि जीलैंडिया महाद्वीप 50 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है. मतलब यह भारत के क्षेत्रफल से भी करीब 17 लाख वर्ग किलोमीटर बड़ा है. भारत का क्षेत्रफल 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है.

बता दें जीलैंडिया को लेकर वैज्ञानिक करीब 25 सालों यानि 1995 से रिसर्च कर रहे थे. इसकी खोज 2017 में पूरी हुई थी. इसके बाद जीलैंडिया को आठवें महाद्वीप के तौर पर मान्यता मिली और अब न्यूजीलैंड के वैज्ञानिकों ने धरती के इस आठवें महाद्वीप का संभावित नक्शा भी तैयार कर लिया है. इस महाद्वीप पर न्यूजीलैंड का रिसर्च इंस्टीट्यूट ‘GNS Science’ 1995 से काम कर रहा था और अब जाकर इंस्टीट्यूट ने इसका नक्शा भी जारी कर दिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह महाद्वीप करीब 2.50 करोड़ साल पहले प्रशांत महासागर में समा गया था. हालांकि, नक्शे के हिसाब से इसका एक छोटा हिस्सा अभी भी बचा हुआ है, जो आज के समय में न्यूजीलैंड है.