नई दिल्ली: देश को आजादी मिलने के करीबन 70 साल बाद विश्व प्रसिद्ध एलीफेंटा गुफाओं में बिजली पहुंच गई है. इसके लिए सरकार ने 7.5 किमी लंबी अंडरसी (समुद्र के नीचे) केबल बिछाई है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 7.5 किमी लंबी अंडरसी केबल के माध्यम से गारापुरी आईलैंड तक बिजली पहुंचाई गई. ये वही द्वीप है, जहां यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल एलीफेंटा गुफाए हैं. ये जगह मुंबई के तट से 10 किमी दूरी पर है.

इस केबल के माध्यम से तीन गांवों – राज बंदर, मोरा बंदर और शेट बंदर तक बिजली पहुंचेगी. इस मौके पर उर्जा मंत्री चंद्रशेखर बवनकुले ने कहा, ‘आज ऐतिहासिक दिन है. ऐसा पहली बार हुआ है जब एक बड़ी केबल को अरब सागर में बिजली पहुंचाने के मकसद से बिछाया गया हो.’

मंत्री ने कहा कि इस कदम से टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और इस वर्ल्ड हेरिटेज साइज को देखने और लोग पहुंचेंगे. साथ ही तीनों गांवों के लोगों तक बिजली पहुंच सकेगी.

गौरतलब है कि एलीफेंटा केव्स और इन तीनों गांवों मं अब तक जेनरेटर्स के माध्यम से ही बिजली पहुंचती थी. इन गांवों में 950 लोग रहते हैं. पिछले 27 सालों से यहां पर जेनरेटर्स के माध्यम से बिजली पहुंचाने के कारण सरकार को काफी खर्च करना पड़ता था. अब परमानेंट बिजली सप्लाई से गांव वालों की समस्याएं हल होने की उम्मीद जताई जा रही है.

बता दें कि इस प्रोजेक्ट पर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड यानी MSEDCL ने 2015 में काम करना शुरू किया था. पूरे देश में अंडसी बिछाई गई केबल्स में ये केबल सबसे लंबी है.